एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी को मिला ₹22.91 करोड़ का अहम कॉन्ट्रैक्ट
एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने घोषणा की है कि उसे BEML लिमिटेड से चेन्नई मेट्रो रेल प्रोजेक्ट - फेज II के लिए लाइटिंग सिस्टम का डिजाइन, निर्माण, सप्लाई, टेस्टिंग और कमीशनिंग करने के लिए ₹22.91 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के मौजूदा ऑर्डर बुक को और मजबूती देगा, जो अक्टूबर 2025 तक करीब ₹455 करोड़ थी।
इस प्रोजेक्ट के तहत सप्लाई का काम नवंबर 2026 में शुरू होगा और इसे पूरा होने में लगभग 17 महीने लगने का अनुमान है। इससे कंपनी के लिए अगले कुछ सालों तक रेवेन्यू का एक तय जरिया (revenue stream) बन गया है, जिससे भविष्य की कमाई का अनुमान लगाना आसान हो गया है।
यह नया कॉन्ट्रैक्ट शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर (urban infrastructure) के बड़े प्रोजेक्ट्स में एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी की क्षमता को दिखाता है। 1998 में स्थापित यह कंपनी रेलवे रोलिंग स्टॉक कंपोनेंट्स और टर्नकी इंटीरियर सॉल्यूशंस बनाती है, और एयरोस्पेस व डिफेंस सेक्टर में भी अपनी सेवाएं देती है। मेट्रो रेल सेक्टर में इसकी बढ़ती मौजूदगी इस बड़े ऑर्डर से और पुख्ता हुई है।
कंपनी हाल के दिनों में कई बड़े ऑर्डर हासिल कर चुकी है। अक्टूबर 2025 में कंपनी ने करीब ₹113.45 करोड़ के ऑर्डर जीते थे, और 15 मार्च 2026 को रेलवे कोच पार्ट्स के लिए ₹62.36 करोड़ का ऑर्डर हासिल किया था। एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी ने सितंबर 2025 में अपना IPO (Initial Public Offering) भी सफलतापूर्वक पूरा किया था। फाइनेंशियल (Financial) तौर पर, कंपनी ने साल-दर-साल (year-on-year) अच्छी ग्रोथ दिखाई है, FY24 में ₹123 करोड़ का रेवेन्यू और FY25 में ₹26 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
हालांकि, इस चेन्नई मेट्रो ऑर्डर से रेवेन्यू की पहचान नवंबर 2026 से ही शुरू होगी, इसलिए यह एक 'लंबे इंतजार' वाला प्रोजेक्ट है। निवेशकों को प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने और BEML लिमिटेड द्वारा सप्लाई के 45 दिनों के भीतर भुगतान की शर्तों का पालन करने पर नजर रखनी चाहिए।
