SEBI का 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) फ्रेमवर्क उन बड़ी कंपनियों के लिए बनाया गया है, जिन्हें लिस्टेड सिक्योरिटीज (Listed Securities) के साथ-साथ कम से कम ₹1,000 करोड़ की लॉन्ग-टर्म बरोइंग्स (Long-term Borrowings) और 'AA' या उससे ऊपर की क्रेडिट रेटिंग (Credit Rating) की ज़रूरत होती है। Agarwal Fortune India Ltd. ने कन्फर्म किया है कि कंपनी इन दोनों ही क्राइटेरिया पर खरी नहीं उतरती, इसलिए यह फाइनेंशियल ईयर 2026-2027 (FY27) के लिए इस कैटेगरी से बाहर रहेगी।
इस एग्जम्प्शन (Exemption) का सीधा मतलब है कि कंपनी पर आगामी फाइनेंशियल ईयर के लिए खास डेट इश्यूएंस ऑब्लिगेशन्स (Debt Issuance Obligations) लागू नहीं होंगे। साथ ही, मैंडेटरी इनिशियल डिस्क्लोजर्स (Mandatory Initial Disclosures) से भी राहत मिल गई है, जो 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस के तहत जरूरी होते हैं।
यह कंपनी, जो मूल रूप से 1993 में एक लीजिंग और फाइनेंस फर्म के तौर पर बनी थी, अब इंडस्ट्रियल ग्लास और मिरर के ट्रेडिंग में फोकस कर रही है। वर्तमान में, यह एक स्मॉल-कैप (Small-cap) कंपनी मानी जा रही है, जिसकी एनुअल रेवेन्यू (Annual Revenue) ₹4-5 करोड़ के आसपास और टोटल डेट (Total Debt) ₹1.25 करोड़ से काफी कम है। हालांकि, निवेशकों को ₹266.54 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटीज (Contingent Liabilities) पर भी नजर रखनी चाहिए, जो 31 मार्च 2025 तक की स्थिति है। भविष्य में, निवेशकों को Agarwal Fortune India Ltd. के लॉन्ग-टर्म बरोइंग लेवल्स और क्रेडिट रेटिंग में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। बरोइंग्स में बड़ा इजाफा या 'AA' रेटिंग मिलने पर कंपनी भविष्य में 'लार्ज कॉर्पोरेट' के दायरे में आ सकती है।
