एक्सचेंज से मिली ₹15 करोड़ फंड जुटाने की हरी झंडी
Affordable Robotic & Automation Limited को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से ₹15 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के लिए शुरुआती अप्रूवल मिल गया है। यह अप्रूवल 30 मार्च, 2026 को मिला है। इससे पहले 18 फरवरी, 2026 को कंपनी के बोर्ड ने और 22 मार्च, 2026 को शेयरहोल्डर्स (Shareholders) ने इस इश्यू को मंजूरी दी थी। कंपनी ₹248 प्रति शेयर के भाव पर 604,839 इक्विटी शेयर (Equity Shares) जारी कर सकती है।
फंड का क्या होगा इस्तेमाल?
BSE और NSE से मिली यह मंजूरी ARAPL के लिए फंड जुटाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में एक अहम कदम है। इस कैपिटल इन्फ्यूजन (Capital Infusion) का मकसद कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन (Financial Position) को मजबूत करना और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन (Industrial Automation) सेक्टर में ग्रोथ की योजनाओं को सपोर्ट करना है।
कंपनी का बैकग्राउंड और हालिया परफॉरमेंस
साल 2010 में स्थापित, पुणे स्थित ARAPL इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, ऑटोमेटेड कार पार्किंग सिस्टम और वेयरहाउस ऑटोमेशन जैसी टर्नकी ऑटोमेशन सॉल्यूशंस (Turnkey Automation Solutions) में माहिर है। कंपनी ने हाल ही में FY26 की पहली नौ महीनों में ₹2.18 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) दर्ज कर प्रॉफिट में वापसी की थी। हालांकि, Q3 FY26 में रेवेन्यू (Revenue) में 42.1% की गिरावट आई थी और यह ₹19.93 करोड़ रहा। कंपनी के पास ₹189 करोड़ से ज्यादा का मजबूत ऑर्डर बुक (Order Book) भी है।
चुनौतियां और जोखिम
हाल ही में, कंपनी को BSE और NSE द्वारा 30 सितंबर, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट (Consolidated Limited Review Report) जमा करने में देरी के लिए जुर्माना भी लगाया गया था। इसके अलावा, पिछले एक साल में स्टॉक ने भारतीय मार्केट और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री बेंचमार्क की तुलना में खराब प्रदर्शन किया है। अल्टमैन Z-स्कोर (Altman Z-score) विश्लेषण से पता चलता है कि कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम फाइनेंशियल स्टेबल है।
इंडस्ट्री पीयर्स (Industry Peers) और आगे क्या देखें?
ARAPL इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और रोबोटिक्स सेक्टर में काम करती है, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹147 करोड़ है। इसके ग्लोबल कंपटीटर्स (Competitors) में ABB India, Honeywell Automation India और Siemens शामिल हैं। आगे, निवेशकों को प्रेफरेंशियल इश्यू के फाइनल रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approvals), कैपिटल के इस्तेमाल और इसके नतीजों पर नजर रखनी चाहिए।
- Q3 FY26 रेवेन्यू: ₹19.93 करोड़ (42.1% साल-दर-साल गिरावट)
- Q3 FY26 EBITDA: ₹3.04 करोड़ (पिछले साल के लॉस की तुलना में पॉजिटिव)
- ऑर्डर बुक: FY26 में ₹189 करोड़ से अधिक।
