यह डील Aeroflex Enterprises के लिए एक बड़ा स्ट्रैटेजिक मूव है। कंपनी का मकसद अपनी पूरी एनर्जी और फोकस को कोर फ्लेक्सिबल डक्टिंग बिजनेस पर केंद्रित करना है। इस डिवेस्टमेंट (divestment) के जरिए MRO, जिसने फाइनेंशियल ईयर 2024-2025 में ₹78.25 करोड़ का टर्नओवर दर्ज किया था, अब Ingersoll Rand का हिस्सा बन जाएगी। MRO की नेटवर्थ ₹60.38 करोड़ बताई गई है।
Aeroflex ने 2021 में MRO को अपने इलेक्ट्रिकल कंड्युट (electrical conduit) के पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए एक्वायर (acquire) किया था। लेकिन अब कंपनी का मानना है कि MRO को बेचकर, उसे ₹227.42 करोड़ की अच्छी खासी रकम मिलेगी। इस कैश इनफ्यूजन (cash infusion) से Aeroflex की बैलेंस शीट मजबूत होगी और कंपनी अपने मुख्य फ्लेक्सिबल डक्टिंग सॉल्यूशंस और कोरुगेटेड पाइप्स (corrugated pipes) सेगमेंट में फ्यूचर ग्रोथ के लिए फंड का इस्तेमाल कर सकेगी।
डील पर 29 अप्रैल 2026 को साइन किए गए हैं और 27 जनवरी 2026 को शेयरहोल्डर अप्रूवल (shareholder approval) के बाद इसे 120 दिनों के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है।
Aeroflex इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज मार्केट में काम करती है। इस सेक्टर में इसके कॉम्पिटीटर्स (competitors) में Polycab India, KEI Industries और Cords Cable Industries जैसी कंपनियां शामिल हैं।
