Advait Energy की गुजरात में बड़ी कामयाबी!
यह प्रोजेक्ट Advait Energy के लिए ऊर्जा स्टोरेज सेक्टर में एक बड़ी छलांग है। कंपनी को गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) से 150 MW / 300 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है। यह प्रोजेक्ट ₹2,10,000 प्रति MW प्रति माह के कंसीडरेशन पर आधारित है, जिससे कंपनी को हर महीने लगभग ₹31.5 करोड़ का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है।
यह बड़ी डील GUVNL की फेज़-VIII टेंडर के तहत टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग प्रक्रिया में वायेबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के साथ जीती गई है। प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन की समय-सीमा बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट (BEPA) साइन होने के 18 महीनों के अंदर पूरी करनी होगी।
ऊर्जा स्टोरेज सिस्टम ग्रिड की स्टेबिलिटी के लिए बहुत ज़रूरी हैं। ये सोलर और विंड जैसे रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स को आसानी से इंटीग्रेट करने में मदद करते हैं। यह डेवलपमेंट गुजरात और भारत दोनों के ग्रिड को मजबूत बनाने, बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने और क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ने के लक्ष्यों के अनुरूप है।
पहले Advait Infratech Limited के नाम से जानी जाने वाली Advait Energy, 2023 से रिन्यूएबल एनर्जी में अपनी पैठ बना रही है, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर पावर जैसे सेक्टर्स भी शामिल हैं। पावर ट्रांसमिशन, सबस्टेशन और टेलीकम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी स्थापित EPC क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए, यह LOI ऊर्जा स्टोरेज में पिछले अनुभव पर आधारित है।
यह नया प्रोजेक्ट Advait Energy की ऊर्जा स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर में भूमिका का काफी विस्तार करेगा और एक मजबूत नया रेवेन्यू स्ट्रीम स्थापित करेगा। यह कंपनी के मौजूदा ऑर्डर बुक में भी जुड़ गया है, जो दिसंबर 2025 तक लगभग ₹1,048 करोड़ था, और भारत के रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों में इसके योगदान को मजबूत करता है।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। 18 महीने की निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रोजेक्ट का सफल एग्जीक्यूशन और कमीशनिंग अहम होगी। वायेबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) पर निर्भरता और उसके डिस्बर्सल का समय भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। हाल की तिमाहियों में मार्जिन में कमी देखी गई है, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हो सकती है। कंपनी को अपने हाई रिसीवेबल्स और डेटर्स को भी मैनेज करना होगा। रेगुलेटरी कंप्लायंस को लेकर भी चिंताएं उभरी हैं, जैसा कि एक सब्सिडियरी से कंप्लायंस चुनौतियों के कारण एक स्टैच्यूटरी ऑडिटर के इस्तीफे से पता चला।
Advait Energy, Tata Power Renewable Energy, Reliance New Energy, Amara Raja Energy & Mobility, और Exide Energy Solutions जैसे स्थापित प्लेयर्स के साथ एक बढ़ते हुए सेक्टर में अपनी जगह बना रही है। जबकि इन पीयर्स की मार्केट में मजबूत मौजूदगी है, Advait का लक्ष्य कॉम्पिटिटिव बिडिंग के जरिए अपनी खास जगह बनाना है।
फाइनेंशियली बात करें तो, Advait Energy ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹406 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया था, और तीसरी तिमाही फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹211 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो कि पिछले साल की तुलना में 115.31% की बढ़ोतरी दर्शाता है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन मार्च 2026 तक लगभग ₹19.28 बिलियन था।
निवेशकों को GUVNL के साथ BEPA पर हस्ताक्षर, प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग और लैंड एक्विजिशन पर प्रगति, और 18 महीने की एग्जीक्यूशन अवधि से जुड़े माइलस्टोन्स पर नज़र रखनी चाहिए। अन्य BESS टेंडर्स के संबंध में भविष्य की घोषणाएं और प्रॉफिटेबिलिटी व कैश फ्लो मैनेजमेंट पर कंपनी का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होगा।
