Aditya Ispat Share Price: बड़ी डील फाइनल! शेयरधारकों ने दी मंजूरी, पर प्रमोटरों के वोट हुए इनवैलिड

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AuthorMehul Desai|Published at:
Aditya Ispat Share Price: बड़ी डील फाइनल! शेयरधारकों ने दी मंजूरी, पर प्रमोटरों के वोट हुए इनवैलिड
Overview

Aditya Ispat Limited के शेयरधारकों ने कंपनी के नॉन-अलॉय स्टील मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग बिजनेस को जय बाबाजी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, जो एक संबंधित पक्ष (Related Party) है, को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 29 मार्च, 2026 को आए पोस्टल बैलट के नतीजों में इस डील के लिए जबरदस्त समर्थन दिखा, लेकिन प्रमोटर समूह के कई वोट अमान्य पाए जाने से प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।

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शेयरधारकों का फैसला: स्टील यूनिट की बिक्री को मिली मंजूरी

शेयरधारकों ने आदित्य इस्पॉत के नॉन-अलॉय स्टील मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग कारोबार को बेचने के प्रस्ताव पर लगभग 30 लाख वोटों से मुहर लगा दी है। स्पेशल रेजोल्यूशन (Special Resolution) के पक्ष में 99.98% वोट पड़े, जबकि सिर्फ 536 वोट इसके खिलाफ थे।

डील का वैल्यू और स्ट्रेटेजिक शिफ्ट

यह डील लगभग ₹36.76 करोड़ में फाइनल हुई है। इस बिक्री से आदित्य इस्पॉत अपने नॉन-अलॉय स्टील कारोबार से पूरी तरह बाहर निकल जाएगा, जो कंपनी के कुल टर्नओवर का एक बड़ा हिस्सा है। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ी स्ट्रेटेजिक शिफ्ट (Strategic Shift) है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी की डूबती नेट वर्थ (Net Worth) को बचाना और भारी कर्ज और जमा हुए घाटे (Accumulated Losses) जैसी वित्तीय मुश्किलों से निपटना है, ताकि कंपनी की शेयर कैपिटल और न गिरे।

कंपनी की वित्तीय हालत और आगे की राह

1990 में स्थापित और 1992 में पब्लिक हुई आदित्य इस्पॉत लिमिटेड, हैदराबाद के पास स्टील मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चलाती है। यह ऑटोमोटिव, इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टरों के लिए ब्राइट स्टील बार्स और वायर्स बनाती है। हालांकि, पिछले तीन सालों से कंपनी गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है, नेट वर्थ घट रही है और रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) भी काफी कम है। ₹36.76 करोड़ में इस कारोबार को बेचने का मकसद इन्हीं समस्याओं को हल करना और शेयर कैपिटल को और गिरने से बचाना है।

गवर्नेंस पर उठ रहे सवाल

हालांकि, इस डील में एक बड़ा चिंता का विषय सामने आया है। संबंधित पक्ष (Related Party) के इस ट्रांजैक्शन के लिए प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के 13,01,100 वोट अमान्य (Invalid) घोषित कर दिए गए। इससे वोटिंग प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, और यह अंदरूनी मतभेदों की ओर भी इशारा कर सकता है।

वोटिंग के मुख्य नतीजे

  • स्लम सेल (Slump Sale) के लिए स्पेशल रेजोल्यूशन पर 28,51,605 वोट ( 99.98% ) पक्ष में और 536 वोट ( 0.02% ) विपक्ष में पड़े।
  • जय बाबाजी इस्पॉत को बिक्री के लिए ऑर्डिनरी रेजोल्यूशन (Ordinary Resolution) पर 15,49,405 वोट ( 99.89% ) पक्ष में और 1,636 वोट ( 0.11% ) विपक्ष में पड़े।
  • प्रमोटर ग्रुप के अमान्य वोट: 13,01,100

ये सभी नतीजे मार्च 2026 में फाइनल हुए। अब निवेशकों को कंपनी की अगली स्ट्रेटेजी और डील के पूरा होने की औपचारिकताओं पर नजर रखनी होगी। कंपनी जल्द ही बीएसई लिमिटेड (BSE Limited) को नतीजों की सूचना देगी और अपनी वेबसाइट व सीडीएसएल (CDSL) ई-वोटिंग पोर्टल पर भी जानकारी पब्लिश करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.