स्ट्रैटेजिक मूव: मुख्य स्टील बिजनेस की बिक्री
Aditya Ispat Limited, जो अपने कोर नॉन-अलॉय स्टील बिजनेस को बेच रही है, का मुख्य मकसद कंपनी की गिरती नेट वर्थ को रोकना और वित्तीय चुनौतियों से निपटना है। यह बिक्री कंपनी की कुल रेवेन्यू का लगभग 100% हिस्सा है और इसे कंपनी को बचाने की एक कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी के बोर्ड ने डायरेक्टर उषा चचन के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है, जो 20 मार्च 2026 से प्रभावी था। इसके तुरंत बाद, 23 मार्च 2026 से वेमुला जलाप्रसाद को तीन साल के लिए एडिशनल और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जो 22 मार्च 2029 तक पद पर रहेंगे। इस नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी का इंतजार है।
पिछला फाइनेंशियल प्रदर्शन
फाइनेंशियल ईयर 2025 में, Aditya Ispat को ₹7.84 मिलियन का नेट लॉस हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 66.15% कम है। इसी दौरान, कंपनी का रेवेन्यू 29.16% गिरकर ₹439.31 मिलियन पर आ गया। पिछले तीन सालों में, शेयरहोल्डर्स के फंड पर रिटर्न -25.0% रहा है, जो कंपनी की लगातार वित्तीय मुश्किलों को दर्शाता है।
नई लीडरशिप से उम्मीदें
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में वेमुला जलाप्रसाद की नियुक्ति से कंपनी को नई रणनीतिक दिशा और संचालन में सक्रिय भागीदारी की उम्मीद है। यह ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी अपने मुख्य बिजनेस से अलग हो रही है।
जोखिम और आगे का रास्ता
कंपनी की रिकवरी इस बात पर निर्भर करती है कि शेयरहोल्डर्स नई नियुक्ति और बिजनेस की बिक्री को मंजूरी देते हैं या नहीं। कंपनी की वित्तीय सेहत एक बड़ी चिंता बनी हुई है।
