नतीजों का बड़ा पिक्चर
Adani Power के FY26 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। कंपनी की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में EBITDA में 27% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो ₹6,498 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है Power Purchase Agreements (PPAs), जिसके तहत अब 95% क्षमता करार के तहत आती है। हाल ही में महाराष्ट्र से 1,600 MW का नया PPA भी साइन हुआ है, जो कंपनी की रेवेन्यू स्थिरता को और मजबूत करेगा।
भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं
कंपनी का लक्ष्य है कि FY31 तक EBITDA ₹50,000 करोड़ तक पहुंच जाए। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए, Adani Power अगले दो सालों (FY27 और FY28) में भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की योजना बना रही है। कंपनी अपनी थर्मल पावर कैपेसिटी बढ़ाने पर लगातार फोकस कर रही है और साथ ही बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कर्ज कम करने पर भी ध्यान दे रही है।
प्रोजेक्ट्स में देरी और चुनौतियाँ
हालांकि, कंपनी के कुछ नए प्रोजेक्ट्स, जैसे कि कोरबा फेज-II और महान फेज-II, की शुरुआत में करीब 6 महीने की देरी देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण ग्लोबल जियोपॉलिटिकल (Geopolitical) मुद्दे बताए जा रहे हैं, जिनका असर मैनपावर और संसाधनों पर पड़ा है। इसके अलावा, रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) की बढ़ती मांग से मर्चेंट पावर प्राइसेस (Merchant Power Prices) पर दबाव आ सकता है, जो PPAs के दायरे से बाहर की क्षमता के लिए एक जोखिम है। बांग्लादेश में बकाया राशि को लेकर भी चिंता बनी हुई है, जिसे सुलझाने के लिए आर्बिट्रेशन (Arbitration) का रास्ता भी तलाशा जा रहा है।
शेयरधारकों के लिए क्या है खास?
PPAs के तहत अधिक क्षमता सुरक्षित होने से शेयरधारकों को रेवेन्यू में स्थिरता का फायदा मिलेगा। निवेशक अब FY27 में कोरबा फेज-II प्रोजेक्ट के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, बांग्लादेश के बकाया भुगतान का समाधान और FY31 तक ₹50,000 करोड़ के EBITDA लक्ष्य की ओर कंपनी की प्रगति पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
वित्तीय आंकड़ों पर एक नजर
Standalone EBITDA में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो FY26 में ₹25,736 करोड़ पर पहुंच गया (FY23 में ₹18,216 करोड़ था)। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) FY26 में ₹12,971 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹10,086 करोड़ से अधिक है।
