यूरोप में Adani Ports का मरीन कारोबार,
Adani Ports and Special Economic Zone Ltd (APSEZ) ने यूरोप में अपनी डीपवॉटर इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के मरीन प्लेटफॉर्म, Astro Offshore, ने Oceaneering International Inc. के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पार्टनरशिप APSEZ को खासकर सबसी (subsea) ऑपरेशंस जैसे खास क्षेत्रों में एंट्री दिलाएगी और कंपनी की इंटरनेशनल मार्केट में मौजूदगी बढ़ाएगी। इस विस्तार को Astro Offshore के बेड़े में नए अल्ट्रा-डीपवॉटर वेसल 'Astro Atlas' के शामिल होने से भी बल मिला है।
ग्लोबल लीडर बनने की राह पर APSEZ
यह कदम APSEZ के दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड मरीन प्लेटफॉर्म में से एक बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए बेहद अहम है। यह कंपनी की सेवाओं को जटिल और हाई-वैल्यू सबसी प्रोजेक्ट्स की ओर डाइवर्सिफाई करता है। यह विस्तार APSEZ के समुद्री सेवाओं के लिए एक बढ़ते ग्लोबल फुटप्रिंट का संकेत देता है, जो घरेलू पोर्ट ऑपरेशंस से आगे बढ़कर काम करेगा।
खास वित्तीय लक्ष्य
कंपनी ने FY25 से FY31 के बीच मरीन रेवेन्यू के लिए ₹6,000 करोड़ का टारगेट रखा है। इस विस्तार के लिए FY31 तक ₹13,000 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान किया गया है। Adani Ports का लक्ष्य FY31 तक अपने बेड़े (fleet) को बढ़ाकर 200 जहाजों तक पहुंचाना भी है।
कॉम्पिटिशन में Adani Ports
यह खास बात है कि भारत में स्पेशलाइज्ड ऑफशोर इंजीनियरिंग और सबसी ऑपरेशंस के क्षेत्र में सीधे तौर पर लिस्टेड कंपटीटर बहुत कम हैं। Adani Ports का Oceaneering के साथ इस सेगमेंट में जाना एक अनोखी रणनीति है। जबकि Container Corporation of India (CONCOR) जैसी कंपनियां लॉजिस्टिक्स पर फोकस करती हैं, और Great Eastern Shipping Company बड़े बेड़े का प्रबंधन करती है, वे APSEZ के नए नीश (niche) में सीधे तौर पर प्रतिस्पर्धा नहीं करतीं। APSEZ एक इंटीग्रेटेड मैरीटाइम सर्विसेज प्लेटफॉर्म बना रहा है जो पोर्ट ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक्स और एडवांस्ड ऑफशोर इंजीनियरिंग को जोड़ता है।
निवेशक क्या देखें?
निवेशकों की नजरें अब Astro Offshore द्वारा यूरोप में हासिल की जाने वाली नई प्रोजेक्ट पाइपलाइन के डिटेल्स पर होंगी। 'Astro Atlas' वेसल के शुरुआती ऑपरेशंस का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होगा। FY31 के रेवेन्यू और बेड़े के आकार के लक्ष्यों की ओर प्रगति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। साथ ही, मरीन सर्विसेज सेक्टर में किसी भी आगे की इंटरनेशनल पार्टनरशिप या अधिग्रहण और Oceaneering की क्षमताओं के इंटीग्रेशन पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर भी ध्यान दिया जाएगा।
