Adani Infra की बड़ी हिस्सेदारी, PSP Projects के लिए गेम-चेंजर?
PSP Projects Ltd के लिए यह एक बड़ा रणनीतिक कदम है। Adani Infra ने कंपनी में 34.41% प्रमोटर हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया है। इस साझेदारी को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के बूम का फायदा उठाने के लिए PSP Projects की एक बड़ी चाल माना जा रहा है। उम्मीद है कि इससे Adani Group से लगातार बड़े ऑर्डर्स मिलेंगे और कंपनी की वित्तीय जोखिम प्रोफाइल मजबूत होगी।
दमदार नतीजे: रेवेन्यू और ऑर्डर बुक दोनों में बड़ी ग्रोथ
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। ऑपरेशन्स से होने वाली कमाई में पिछले साल की तुलना में 25% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,148.66 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी की ऑर्डर बुक में भी जबरदस्त विस्तार देखा गया, जो 31 मार्च, 2026 तक 85% बढ़कर ₹13,447 करोड़ हो गई।
FY26 के दौरान, PSP Projects ने ₹55.01 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया। वहीं, Q4FY26 में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा, जिसमें रेवेन्यू 66% बढ़कर ₹1,115.24 करोड़ और PAT 234% बढ़कर ₹21.07 करोड़ हो गया। हालांकि, पूरे साल के PAT के आंकड़े ने मार्जिन पर संभावित दबाव को लेकर कुछ चिंताएं जरूर पैदा की हैं।
PSP Projects इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में एक जानी-मानी भारतीय फर्म है, जो इंडस्ट्रियल, इंस्टीट्यूशनल, रेजिडेंशियल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में EPC कॉन्ट्रैक्ट्स संभालती है। भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर सरकारी नीतियों और निजी निवेश से संचालित होकर तेजी से बढ़ रहा है।
Adani Infra के इस रणनीतिक समर्थन के बाद, शेयरधारकों को ऑर्डर मिलने की प्रक्रिया में तेजी की उम्मीद करनी चाहिए। कंपनी के वित्तीय जोखिम प्रोफाइल में सुधार हो सकता है, जिससे PSP Projects बड़ी और अधिक जटिल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए बेहतर स्थिति में आ जाएगी।
ऐतिहासिक प्रदर्शन और प्रतिस्पर्धी
कंपनी का रेवेन्यू पिछले 5 सालों (FY21-FY26) में 20% के CAGR से बढ़ा है, जबकि EBITDA 7% के CAGR से बढ़ा है। PSP Projects, Larsen & Toubro (L&T) जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ-साथ PNC Infratech और KNR Constructions जैसे अन्य इंफ्रा फर्मों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
निवेशक Adani Infra पार्टनरशिप से होने वाले इंटीग्रेशन और तालमेल पर करीब से नजर रखेंगे। मुख्य रूप से Adani Group से मिलने वाले भविष्य के ऑर्डर्स, बढ़ती ऑर्डर बुक के मुकाबले कंपनी का मार्जिन प्रदर्शन और एग्जीक्यूशन एफिशिएंसी प्रमुख बिंदु रहेंगे।
