Adani Green Energy: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! रेवेन्यू **22%** उछला, कैपेसिटी में रिकॉर्डतोड़ उछाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
Adani Green Energy: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! रेवेन्यू **22%** उछला, कैपेसिटी में रिकॉर्डतोड़ उछाल
Overview

अडानी ग्रीन एनर्जी (AGEL) ने अपने हालिया नतीजों से शेयरधारकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए **₹11,602 करोड़** का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **22%** ज़्यादा है। इसके साथ ही, कंपनी ने **5.1 गीगावाट (GW)** की रिकॉर्ड ग्रीनफील्ड कैपेसिटी जोड़ी है, जो चीन के बाहर दुनिया में सबसे बड़ी सालाना वृद्धि है।

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अडानी ग्रीन एनर्जी का दमदार प्रदर्शन

अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के वित्तीय और परिचालन नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी के पावर सप्लाई से होने वाले रेवेन्यू में 22% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹11,602 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉरटाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) में 23% का इजाफा हुआ और यह ₹10,865 करोड़ पर रहा। कंपनी के मार्जिन 91.2% पर स्थिर बने हुए हैं।

ऊर्जा बिक्री 34% बढ़कर 37.6 बिलियन यूनिट हो गई। इस दौरान, कंपनी ने 5.1 GW नई ग्रीनफील्ड कैपेसिटी स्थापित की, जो तेजी से विस्तार करने की इसकी क्षमता को दर्शाता है।

ग्रिड की चुनौतियों के बावजूद रिकॉर्ड कैपेसिटी

AGEL के लिए अच्छी खबर यह है कि उसने ग्रिड ट्रांसमिशन की बाधाओं और पावर कर्टेलमेंट (बिजली कटौती) के बावजूद 5.1 GW नई क्षमता जोड़ी है। इन चुनौतियों के चलते कंपनी को लगभग ₹1,500 करोड़ तक का EBITDA लॉस झेलना पड़ा है। इन लॉसेस की मुख्य वजह ट्रांसमिशन की कमी और पावर को कम मर्चेंट रेट्स पर बेचना था।

ग्लोबल स्केल और भविष्य की रणनीति

यह प्रदर्शन अडानी ग्रीन एनर्जी को ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के तौर पर स्थापित करता है, खासकर चीन के बाहर इसके ऑपरेशन के पैमाने को देखते हुए। कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के विस्तार और लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) सुरक्षित करने पर खास ध्यान दे रही है, जो जोखिमों को कम करने और स्थिर आय सुनिश्चित करने की एक सक्रिय रणनीति है।

महत्वाकांक्षी विस्तार योजना

AGEL भारत भर में बड़े पैमाने पर सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स विकसित कर रही है। गुजरात का खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क इस रणनीति का केंद्र है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी हब में से एक बनाने का लक्ष्य है। कंपनी अपने महत्वाकांक्षी 2030 के रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार विकास पर जोर दे रही है।

भविष्य की राह और कैपेसिटी प्लान

कंपनी अब 2030 तक 50 GW की क्षमता का लक्ष्य हासिल करने की राह पर है। हालांकि, AGEL ट्रांसमिशन उपलब्धता से मेल खाने के लिए नियर-टर्म एग्जीक्यूशन को एडजस्ट कर रही है। वितीय वर्ष 2027 (FY27) में 4.5 से 5 GW नई क्षमता जोड़ने का अनुमान है। बैटरी स्टोरेज में एक महत्वपूर्ण पुश की योजना है, जिसका लक्ष्य FY27 तक 10 GWh से अधिक क्षमता हासिल करना है। AGEL का कहना है कि भविष्य में जोड़ी जाने वाली कैपेसिटी, जिसमें FY27 की कैपेसिटी भी शामिल है, 100% लंबे समय के PPAs द्वारा सुरक्षित होगी।

ट्रांसमिशन बाधाएं और चुनौतियां

वित्तीय वर्ष 2026 में AGEL की एग्जीक्यूशन गति को सीमित करने वाली मुख्य बाधाएं ट्रांसमिशन और इवैक्यूएशन (बिजली पहुंचाना) की बाधाएं थीं। प्रबंधन ने भारतीय रेगुलेटरी और ट्रांसमिशन परिदृश्य को "अपेक्षाकृत जटिल" बताया है, जो लगातार चुनौतियां पेश कर रहा है।

परिचालन क्षमता का विवरण

वर्तमान में, AGEL की कुल परिचालन क्षमता 19.3 GW है। इसमें 9.7 GW फर्म PPAs के तहत, 5.3 GW अंतरिम मर्चेंट पावर (जिसे मार्च 2027 तक PPAs में बदला जाना है), और 4.2 GW शुद्ध मर्चेंट पावर शामिल है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.