ट्रेडिंग विंडो पर पाबंदी का मतलब
Abhishek Infraventures Limited ने 1 अप्रैल 2026 से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करने की घोषणा की है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है जिसके तहत कंपनी के डायरेक्टर, अधिकारी और उनके करीबी रिश्तेदार, यानी 'डेजिग्नेटेड पर्सन', कंपनी के शेयर नहीं खरीद-बेच सकते। यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कि कंपनी अपने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (वित्तीय नतीजे) का ऐलान नहीं कर देती। नतीजों के सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खोली जाएगी।
SEBI के नियमों का पालन
यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति कंपनी की 'अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन' (UPSI) का फायदा उठाकर शेयर बाजार में अनुचित लाभ न कमा सके।
अभिषेक इन्फ्रावेंचर्स का कारोबार
Abhishek Infraventures Limited मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे कि सड़कें और पुल बनाना, और रियल एस्टेट डेवलपमेंट के क्षेत्र में सक्रिय है।
उद्योग की अन्य कंपनियां
इस तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर की प्रक्रिया इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे Likhitha Infrastructure Ltd, H.G. Infra Engineering Ltd, और PNC Infratech Ltd भी अपनाती हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी की बोर्ड मीटिंग की तारीख पर नजर रखनी होगी। इसी मीटिंग में FY26 के स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी जाएगी। इन नतीजों के ऐलान के साथ ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खुल जाएगी।
