Abhishek Infraventures Ltd ने 30 अप्रैल, 2026 को यह कन्फर्म किया है कि उन्हें फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' (LC) के तौर पर वर्गीकृत नहीं किया जाएगा।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि वे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 और 2026-27 के लिए तय किए गए बॉरोइंग (Borrowing) के लेवल की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने डेट बॉरोइंग को 'Nil' या 'Not Applicable' बताया है।
SEBI के नियमों के तहत 'लार्ज कॉर्पोरेट' माने जाने वाली कंपनियों को ज्यादा कड़े डिस्क्लोजर (Disclosure) और कंप्लायंस (Compliance) नियमों का पालन करना पड़ता है। खासकर जब उन्हें फंड जुटाना होता है। इस क्लासिफिकेशन से बचने का मतलब है कि Abhishek Infraventures को इन बढ़ी हुई ज़िम्मेदारियों से छूट मिल गई है, जिससे कंपनी का कंप्लायंस आसान हुआ है और इससे जुड़े खर्चे भी कम हुए हैं।
यह ध्यान देने वाली बात है कि SEBI ने 2023 में 'लार्ज कॉर्पोरेट' (LC) फ्रेमवर्क की शुरुआत की थी, जिसका मकसद बड़ी कंपनियों के लिए फंड जुटाने की प्रक्रिया को सुगम बनाना था। आमतौर पर, नेट वर्थ (Net Worth), डेट लेवल (Debt Level) और क्रेडिट रेटिंग जैसे पैमानों के आधार पर कंपनियों को LC के तौर पर चिन्हित किया जाता है। लेकिन Abhishek Infraventures के मामले में, उनके वित्तीय आंकड़े, खासकर बॉरोइंग, इस सीमा तक नहीं पहुंचे।
आगे चलकर, निवेशक कंपनी की अगली सालाना रिपोर्ट में उसके LC स्टेटस के बारे में अपडेट पर नज़र रखेंगे। साथ ही, कंपनी की भविष्य की फंड जुटाने की योजनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा कि वे LC फ्रेमवर्क के नियमों के तहत कैसे संरचित होती हैं। SEBI द्वारा 'लार्ज कॉर्पोरेट' के मापदंडों में कोई भी बदलाव भी महत्वपूर्ण होगा।
