मुनाफे में आई भारी गिरावट, Q4 में हुआ शुद्ध नुकसान
Abans Enterprises Ltd ने मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट के आंकड़े जारी कर दिए हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹18.85 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज करने वाली यह कंपनी इस बार सिर्फ ₹3.96 करोड़ का प्रॉफिट कमा पाई। यह पिछले साल की तुलना में 79% की एक बड़ी गिरावट है।
सिर्फ इतना ही नहीं, कंपनी की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹7.95 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹4.28 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था।
प्रस्तावित विलय रद्द, कंपनी पर असर नहीं?
एक अन्य महत्वपूर्ण खबर यह है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी Abans Jewels Limited के Abans Enterprises के साथ प्रस्तावित विलय (Amalgamation Scheme) को वापस लेने की मंजूरी दे दी है। यह वापसी 5 फरवरी 2026 से प्रभावी हो गई है। कंपनी का कहना है कि इस विलय के रद्द होने से उसकी वित्तीय स्थिति या नतीजों पर कोई असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
कंपनी के स्टैंडअलोन (अलग से) नतीजों की बात करें तो, FY26 में नेट प्रॉफिट ₹1.04 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹3.17 करोड़ से काफी कम है।
पीयर कंपनियों से तुलना
Abans Enterprises का FY26 का ₹3.96 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों की तुलना में काफी कम है। उदाहरण के लिए, प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर Dixon Technologies ने FY26 के लिए ₹800-900 करोड़ के बीच PAT (Profit After Tax) का अनुमान लगाया है। वहीं, HVAC और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में लगी Amber Enterprises ने FY26 के लिए ₹300-350 करोड़ के बीच PAT का अनुमान दिया है। इलेक्ट्रिकल गुड्स और अप्लायंस बनाने वाली Havells India का अनुमानित PAT FY26 के लिए लगभग ₹1,200-1,300 करोड़ रहा है।
सभी वित्तीय परिणामों के लिए ऑडिट रिपोर्ट को 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' (Unmodified Opinion) मिला है, जिसका मतलब है कि ऑडिटर्स ने नतीजों पर कोई बड़ी आपत्ति नहीं जताई है।
