SEBI के सख्त इंसिडर ट्रेडिंग (Insider Trading) नियमों का पालन करते हुए, ARITAS Vinyl Ltd. ने अपने शेयरधारकों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 से अपने 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) के लिए ट्रेडिंग विंडो (Trading Window) बंद कर दी है। इसका मतलब है कि कंपनी के अंदरूनी लोग, जिनके पास कंपनी की गोपनीय और कीमत-संवेदनशील जानकारी (Unpublished Price Sensitive Information - UPSI) तक पहुंच है, वे इस अवधि के दौरान कंपनी के शेयर्स की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे।
यह ट्रेडिंग विंडो 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष FY26 के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) के ऐलान के 48 घंटे बाद ही दोबारा खुलेगी। कंपनी बोर्ड मीटिंग की तारीख की घोषणा बाद में करेगी, जिसमें इन नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।
ARITAS Vinyl Ltd. ने इस बाबत स्टॉक एक्सचेंजों, जिसमें BSE Limited भी शामिल है, को सूचित कर दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अंदरूनी व्यक्ति को गोपनीय जानकारी का फायदा उठाकर शेयर बाजार में अनुचित लाभ न मिले। यह कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
कंपनी की बात करें तो, ARITAS Vinyl Ltd. की स्थापना 17 अप्रैल, 2020 को हुई थी और यह टेक्निकल टेक्सटाइल्स (Technical Textiles) सेक्टर में काम करती है। यह PU सिंथेटिक लेदर और PVC-कोटेड लेदर जैसे आर्टिफिशियल लेदर प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी ने हाल ही में जनवरी 2026 में अपना IPO (Initial Public Offering) पूरा किया था, जिसमें ₹37.52 करोड़ जुटाए गए थे। इसके बाद 23 जनवरी, 2026 को कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई थी।
FY 2025-26 के लिए, कंपनी ने ₹98 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) और ₹4.10 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) दर्ज किया था।
इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर के दौरान, कंपनी के डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज (Designated Employees) और इंसिडर्स (Insiders) कंपनी के शेयर्स खरीद या बेच नहीं सकेंगे।
यह कदम SEBI के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करता है और संभावित UPSI के दुरुपयोग से बचाव करता है।
