ARAPL के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी ARAPL Raas Private Limited के लिए ₹48 करोड़ की फंडरेज़ को मंजूरी दे दी है। यह फंड Sai Green Projects Private Limited से जुटाया जाएगा। इस ट्रांजैक्शन (Transaction) के पूरा होने के बाद, ARAPL का ARAPL Raas Private Limited में इक्विटी स्टेक मौजूदा 83.54% से घटकर 42.50% हो जाएगा। इस बड़ी डाइल्यूशन (Dilution) की वजह से ARAPL Raas, ARAPL के लिए एक 'एसोसिएट' कंपनी कहलाएगी, जिससे ARAPL का इस पर नियंत्रण कम हो जाएगा।
इसके अलावा, बोर्ड ने कुछ अहम रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स (RPTs) के लिए भी ग्रीन सिग्नल दिया है। इनमें प्रमोटर ग्रुप की ओर से ₹50 करोड़ तक के इंटरेस्ट-फ्री लोन और सब्सिडियरी ARAPL Raas के साथ ₹100 करोड़ तक के कॉन्ट्रैक्ट्स या सपोर्ट सर्विसेज़ शामिल हैं। इन सभी प्रस्तावित सौदों को अंतिम मंजूरी के लिए जल्द ही एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरहोल्डर्स के सामने रखा जाएगा।
सब्सिडियरी से एसोसिएट कंपनी बनने का मतलब है कि ARAPL Raas के वित्तीय नतीजों का कंसॉलिडेशन (Consolidation) ARAPL की बैलेंस शीट पर अलग तरह से असर डालेगा। शेयरहोल्डर्स से इन ट्रांजैक्शन्स के लिए अप्रूवल लेना एक ज़रूरी गवर्नेंस (Governance) कदम है, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और संभावित हितों के टकराव (Conflict of Interest) को रोकता है।
ARAPL Raas Private Limited ने पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में ₹176.20 लाख का टर्नओवर और ₹27,60,04,584.20 लाख की नेट वर्थ बताई थी। यह नेट वर्थ का आंकड़ा थोड़ा असामान्य है।
अब निवेशकों की नज़र EGM के नतीजों और Sai Green Projects Private Limited के साथ फाइनल एग्रीमेंट पर रहेगी।
