बोर्ड में नियुक्तियां और अहम फैसले
कंपनी ने श्रीमती नताशा तारा रानाडे को 27 अप्रैल, 2026 से प्रभावी पांच साल की अवधि के लिए एडिशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। वहीं, श्रीमती अमिता रानाडे का पद बदलकर चेयरमैन कम नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर दिया गया है।
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर अटके सौदे
बोर्ड ने इसके साथ ही कुछ महत्वपूर्ण रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स, लोंस और इंवेस्टमेंट्स को भी मंजूरी दी है। हालांकि, इन सभी फैसलों को अमली जामा पहनाने के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी है। शेयरहोल्डर्स को 1 मई, 2026 तक पोस्टल बैलेट के जरिए अपनी राय देनी होगी।
नेतृत्व परिवर्तन और गवर्नेंस चिंताएं
यह बदलाव कंपनी के पूर्व चेयरमैन प्रणव कुमार रानाडे के 13 अप्रैल, 2026 को हुए निधन के बाद हुए हैं। उनके आकस्मिक निधन के चलते पहले शेयरहोल्डर्स के लिए रखी गई वोटिंग को वापस लेना पड़ा था।
AMTL के सामने सबसे बड़ी चुनौती आने वाले पोस्टल बैलेट के नतीजे हैं, क्योंकि शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बिना ये ट्रांजैक्शन्स आगे नहीं बढ़ पाएंगे। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि श्रीमती नताशा तारा रानाडे, श्रीमती अमिता रानाडे की बहू हैं, ऐसे में रिलेटेड पार्टी डीलिंग्स पर अतिरिक्त जांच-पड़ताल की उम्मीद है। जून 2024 में CARE रेटिंग्स द्वारा 'issuer non-cooperating' कैटेगरी में रखे जाने और मार्च 2026 में स्टॉक एक्सचेंज की ओर से असामान्य मूल्य गतिविधियों पर आई क्वेरी भी कंपनी की गवर्नेंस को लेकर चिंताएं बढ़ाती हैं।
