SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए, AJC Jewel Manufacturers ने यह घोषणा की है। इस निर्धारित अवधि के दौरान, कंपनी के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स, सीनियर मैनेजमेंट स्टाफ और उनके करीबी रिश्तेदारों को कंपनी के शेयर्स या अन्य किसी भी तरह की सिक्योरिटीज की खरीद-बिक्री करने की इजाजत नहीं होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अनपब्लिश्ड, प्राइस-सेंसिटिव (Price-Sensitive) जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो सके, खासकर जब एनुअल फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Annual Financial Results) आने वाले हों।
साल 2018 में केरल में स्थापित AJC Jewel Manufacturers, एक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मॉडल पर गोल्ड ज्वैलरी के निर्माण का काम करती है। हाल ही में कंपनी ने UAE स्थित एक इकाई में हिस्सेदारी खरीदकर और सिल्वर ज्वैलरी के लिए एक नई सब्सिडियरी बनाकर अपने विस्तार की योजनाओं को और मजबूत किया है। FY26 के तीसरे क्वार्टर में, कंपनी ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और रणनीतिक पहलों के दम पर नेट प्रॉफिट (Net Profit) में क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (Quarter-on-Quarter) काफी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की थी।
यह प्रकिया भारतीय ज्वैलरी सेक्टर में काफी आम है। Titan Company Ltd. और Kalyan Jewellers India Ltd. जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) जारी करने से पहले इसी तरह अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद रखती हैं। यह इंडस्ट्री में रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) का एक मानक तरीका है।
अब निवेशकों को कंपनी के बोर्ड मीटिंग की उस तारीख का इंतजार रहेगा, जहां FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) पर अंतिम मुहर लगेगी। रिजल्ट्स के सार्वजनिक होने के बाद, कंपनी ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने की तारीख की भी घोषणा करेगी।
