30 मार्च 2026 को हुई AGI Infra बोर्ड की मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। इसमें सबसे खास है श्रीमती नंदिनी क्वात्रा का एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Additional Non-Executive Independent Director) के तौर पर 5 साल के लिए नियुक्ति, जिसके लिए अब शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।
कंपनी ने वर्ल्डनेक्स्ट रियलिटी एलएलपी (Worldnext Realty LLP) में अपनी 60% हिस्सेदारी के लिए भुगतान की समय सीमा को भी आगे बढ़ा दिया है। पहले यह पेमेंट 31 मार्च 2026 तक होना था, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया गया है।
इसके अलावा, बोर्ड ने नए रिस्क मैनेजमेंट कमेटी (Risk Management Committee) के गठन और ऑडिट कमेटी (Audit Committee) के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी है। इन बदलावों का मकसद कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करना और कंपनी को वित्तीय मामलों में अधिक लचीलापन देना है।
यह ध्यान देने वाली बात है कि AGI Infra, जो पहले Aayojan Infrastructure Ltd. के नाम से जानी जाती थी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में काम करती है। सितंबर 2023 में कंपनी ने ₹36.50 करोड़ में वर्ल्डनेक्स्ट रियलिटी एलएलपी की 60% हिस्सेदारी खरीदने की योजना का ऐलान किया था। अब इस डील का भुगतान 2026 के अंत तक टाल दिया गया है।
शेयरधारकों के लिए, श्रीमती क्वात्रा की नियुक्ति पर वोटिंग एक अहम घटना होगी। वहीं, वर्ल्डनेक्स्ट रियलिटी एलएलपी के अधिग्रहण के लिए पेमेंट का टलना यह दर्शाता है कि कंपनी को इस बड़े वित्तीय लेन-देन को पूरा करने के लिए अधिक समय मिल गया है।
हालांकि, यह पेमेंट सिर्फ टाला गया है, वित्तीय देनदारी अभी भी बनी हुई है। श्रीमती क्वात्रा की नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिलने में कुछ चुनौतियां भी आ सकती हैं।
AGI Infra भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर में काम करती है, जहां PNC Infratech Ltd. और Sadbhav Engineering Ltd. जैसे बड़े खिलाड़ी भी मौजूद हैं।
निवेशकों को अब श्रीमती क्वात्रा की नियुक्ति पर शेयरधारक वोटिंग के नतीजे और वर्ल्डनेक्स्ट रियलिटी एलएलपी डील के संबंध में आगे की घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।