ACME Solar का बड़ा बूस्टर! राजस्थान BESS प्रोजेक्ट का तीसरा फेज चालू, पावर ग्रिड को मिलेगी नई ताकत

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
ACME Solar का बड़ा बूस्टर! राजस्थान BESS प्रोजेक्ट का तीसरा फेज चालू, पावर ग्रिड को मिलेगी नई ताकत
Overview

ACME Solar Holdings Limited ने अपने राजस्थान बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के तीसरे फेज (Phase III) को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इस कदम से प्रोजेक्ट में **33.333 MW** पावर क्षमता और **160.51 MWh** स्टोरेज क्षमता जोड़ी गई है।

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प्रोजेक्ट में जोड़ी गई नई क्षमता

ACME Solar Holdings Limited ने राजस्थान में अपने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट की तीसरी फेज को एक्टिवेट करके अपनी एनर्जी स्टोरेज की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाया है। इस नई फेज के चालू होने से प्रोजेक्ट की पावर क्षमता में 33.333 MW और एनर्जी स्टोरेज में 160.51 MWh की बढ़ोतरी हुई है। इस खास फेज के लिए कमर्शियल ऑपरेशन की शुरुआत 02 अप्रैल, 2026 को होने की उम्मीद है। इस फेज के चालू होने के बाद, राजस्थान के इस प्रोजेक्ट की कुल ऑपरेशनल क्षमता बढ़कर 100.003 MW हो गई है, जिसमें 481.500 MWh की स्टोरेज क्षमता शामिल है।

यह बड़ी उपलब्धि ACME Solar को उसके 300 MW / 1409.34 MWh के कुल BESS टारगेट को पूरा करने के काफी करीब ले आई है। इस तरह के प्रोजेक्ट्स रिन्यूएबल एनर्जी को स्टोर करने और पीक डिमांड के समय सप्लाई करने में मदद करके ग्रिड की स्थिरता (grid stability) को मजबूत करने के लिए बेहद ज़रूरी हैं, जिससे पावर सप्लाई की विश्वसनीयता बढ़ती है।

ACME Solar, जो भारत की एक प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) है, के पास सोलर, विंड और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स का एक बड़ा पोर्टफोलियो है। कंपनी अपनी एनर्जी स्टोरेज क्षमताओं को लगातार बढ़ा रही है। मार्च 2026 में ऐसी खबरें थीं कि राजस्थान में BESS प्रोजेक्ट्स के बड़े कमीशनिंग एक्टिविटीज चल रही हैं। अपने विकास को और गति देने के लिए, ACME Solar ने हाल ही में NaBFID से ₹2,300 करोड़ का लॉन्ग-टर्म फाइनेंसिंग हासिल किया है, जिसका मकसद उसके रिन्यूएबल एनर्जी विस्तार के प्रयासों को बल देना है।

हालांकि, कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना भी कर रही है। ACME Solar वर्तमान में लगभग ₹149.73 करोड़ के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड नोटिस को चुनौती दे रही है, जो सोलर सप्लाई पर टैक्स ट्रीटमेंट को लेकर एक बड़े सेक्टरल विवाद का हिस्सा है। इसके अलावा, ACME Solar ने पहले भी नियामक मुद्दों (regulatory issues) का सामना किया है, जिसमें CERC और CTUIL के साथ प्रोजेक्ट में देरी, भूमि दस्तावेज़ों और सोलर प्रोजेक्ट्स के ट्रांसमिशन कनेक्टिविटी को लेकर विवाद शामिल हैं, जिसके कारण पहले जुर्माने और एक्सटेंशन की मांग करनी पड़ी थी।

भारत के कॉम्पिटिटिव BESS मार्केट में काम करते हुए, ACME Solar का मुकाबला Tata Power Renewable Energy, Reliance New Energy, Exide Energy Solutions, Waaree Energies, और Amara Raja Energy & Mobility जैसी बड़ी कंपनियों से है। राजस्थान प्रोजेक्ट के लिए, कुल प्लान्ड कैपेसिटी 300 MW / 1409.34 MWh बनी हुई है, जिसमें से 100.003 MW / 481.500 MWh अब फेज III के बाद ऑपरेशनल है। इन्वेस्टर्स 02 अप्रैल, 2026 को फेज III के कमर्शियल ऑपरेशंस की आधिकारिक शुरुआत पर और ACME Solar द्वारा अपनी पूरी 300 MW क्षमता की ओर बढ़ने के साथ-साथ आने वाले फेज पर बारीकी से नज़र रखेंगे। ध्यान देने वाले मुख्य क्षेत्रों में GST डिमांड नोटिस का समाधान, अन्य नियामक डेवलपमेंट और BESS व रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो के विस्तार में कंपनी की समग्र प्रगति शामिल है।

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