ACE का रणनीतिक कदम: हैवी क्रेन बिजनेस की नई राह
Action Construction Equipment Limited (ACE) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) को मंजूरी दी है। इसके तहत, कंपनी अपने हैवी क्रेन बिजनेस को ACE KATO Private Limited नाम की 50:50 ज्वाइंट वेंचर (JV) कंपनी में ट्रांसफर करेगी। यह ट्रांसफर स्लंप सेल (Slump Sale) के जरिए होगा और उम्मीद है कि 30 जून, 2026 तक पूरा हो जाएगा। ACE KATO JV, जापान की KATO WORKS CO., LTD. के साथ मिलकर काम करेगी।
हाई-कैपेसिटी सेगमेंट पर फोकस
इस रणनीतिक कदम का मुख्य उद्देश्य हाई-कैपेसिटी क्रेन सेगमेंट में कंपनी की स्थिति को मजबूत करना है। ACE, KATO की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का लाभ उठाकर अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना चाहती है। इस ट्रांसफर से ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मार्केट के भीतर अपने विशिष्ट क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। JV घरेलू और निर्यात बाजारों के लिए स्पेशलाइज्ड लिफ्टिंग इक्विपमेंट विकसित करने पर काम करेगी।
JV का गठन और उद्देश्य
ACE और जापान की KATO WORKS CO., LTD. ने मार्च 2026 में ACE KATO Private Limited नाम से 50:50 का ज्वाइंट वेंचर बनाया था, जिसमें लगभग ₹200 करोड़ का निवेश शामिल था। इस JV का लक्ष्य KATO की ग्लोबल टेक्नोलॉजी को ACE की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के साथ मिलाकर ट्रक क्रेन, क्रॉलर क्रेन और रफ टेरेन क्रेन जैसे हाई-कैपेसिटी क्रेन का निर्माण करना है। ACE, भारत में एक स्थापित निर्माता है और पिक-एंड-कैरी क्रेन में ग्लोबल लीडर मानी जाती है।
वित्तीय असर और राजस्व
ACE के फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹3,320.32 करोड़ रहे। इसमें से हैवी क्रेन बिजनेस का योगदान ₹85.77 करोड़ था, जो कुल रेवेन्यू का 2.58% है। इस बिजनेस ट्रांसफर के बाद, ACE का डायरेक्ट स्वामित्व इस बिजनेस सेगमेंट पर समाप्त हो जाएगा और इसे ACE KATO JV में इक्विटी स्टेक के रूप में माना जाएगा। JV अब दोनों पार्टनर्स की ताकत का उपयोग करते हुए इन हैवी क्रेन का निर्माण और मार्केटिंग संभालेगी।
प्रतिस्पर्धा का मैदान
Action Construction Equipment भारत के मोबाइल क्रेन सेगमेंट में मार्केट लीडर है, जिसका FY25 में लगभग 63% मार्केट शेयर है। हालांकि, यह JV हाई-कैपेसिटी क्रेन पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहाँ ACE को Sany India, Liebherr और Escorts Kubota जैसे ग्लोबल और घरेलू खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
आगे क्या?
अब देखना होगा कि बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट 30 जून, 2026 की समय सीमा तक सफलतापूर्वक पूरा होता है या नहीं। साथ ही, हाई-कैपेसिटी क्रेन सेगमेंट में ACE KATO ज्वाइंट वेंचर के परिचालन की शुरुआत और उसके प्रदर्शन पर भी नजर रखी जाएगी।
