ACC के शानदार FY26 नतीजे और Ambuja Cements के साथ विलय की कहानी
ACC Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर ₹25,566.33 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) और ₹2,286.78 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया है। वहीं, कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर कंपनी का रेवेन्यू ₹25,761.70 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹2,137.23 करोड़ रहा।
बोर्ड ने इस शानदार प्रदर्शन के लिए शेयरधारकों को ₹7.50 प्रति इक्विटी शेयर (Equity Share) के डिविडेंड (Dividend) की भी सिफारिश की है।
Ambuja Cements के साथ विलय को मंजूरी
नतीजों के साथ-साथ, ACC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने Ambuja Cements Limited के साथ कंपनी के विलय की योजना को भी मंजूरी दे दी है। यह एक बड़ा स्ट्रेटेजिक (Strategic) कदम है, जिसका मकसद अडानी ग्रुप (Adani Group) के सीमेंट कारोबार के संचालन को सुव्यवस्थित करना है। यह विलय विभिन्न रेगुलेटरी (Regulatory) और शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
अडानी ग्रुप की सीमेंट रणनीति
ACC और Ambuja Cements, सितंबर 2022 में होल्सिम (Holcim) से अडानी ग्रुप द्वारा अधिग्रहण के बाद से इसके पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं। इन कंपनियों के विलय से अडानी ग्रुप भारतीय सीमेंट मार्केट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना चाहता है, जिससे लागत में बचत और संचालन में सुधार की उम्मीद है।
कानूनी पेंच और आगे क्या?
हालांकि, ACC कुछ कानूनी चुनौतियों का भी सामना कर रही है। इनमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के साथ कथित कार्टेलाइजेशन (Cartelisation) को लेकर चल रहा लिटिगेशन (Litigation) शामिल है, जो अभी न्यायिक समीक्षा में है। इसके अलावा, कंपनी कर्नाटक में माइनिंग रॉयल्टी (Mining Royalty) की गणना को लेकर राज्य सरकार के साथ एक विवाद का भी सामना कर रही है।
निवेशकों की नज़रें अब 26 जून 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ₹7.50 के डिविडेंड पर शेयरधारकों के वोट के नतीजे पर रहेंगी। साथ ही, Ambuja Cements के साथ विलय के लिए सभी आवश्यक नियामक और वैधानिक मंजूरी मिलने की प्रगति पर भी बारीकी से नज़र रखी जाएगी। CCI और कर्नाटक हाई कोर्ट के साथ चल रहे कानूनी मामलों के घटनाक्रम और विलय के बाद के इंटीग्रेशन (Integration) प्लान पर मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
