टैक्स डिमांड की पूरी कहानी
ACC Ltd को हाल ही में टैक्स अथॉरिटीज की ओर से ₹59.81 करोड़ का एक बड़ा टैक्स डिमांड ऑर्डर मिला है। इस रकम में मूल टैक्स, ब्याज और पेनल्टी सभी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह डिमांड कंपनी द्वारा कथित तौर पर एक्सेस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने और टैक्स कम्प्लायंस से जुड़े अन्य मुद्दों के कारण जारी की गई है।
कंपनी की अगली रणनीति
हालांकि, ACC Limited ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस ऑर्डर के खिलाफ कानूनी चैनलों के ज़रिए अपील करेंगे। कंपनी का कहना है कि उन्हें इस टैक्स डिमांड का अपने फाइनेंशियल या ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर कोई बड़ा एडवर्स असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। यह घोषणा उन निवेशकों के लिए राहत की खबर है जो इस संभावित वित्तीय देनदारी को लेकर चिंतित हो सकते हैं।
पुराना रिकॉर्ड और इंडस्ट्री ट्रेंड
यह पहली बार नहीं है जब ACC Limited, जो Adani Group का एक अहम हिस्सा है, टैक्स संबंधी जांच के दायरे में आई है। अक्टूबर 2025 में, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2015-16 और 2018-19 के लिए ₹23.07 करोड़ का जुर्माना लगाया था, जिसमें गलत इनकम डिटेल्स और अंडर-रिपोर्टिंग के आरोप थे। इससे पहले, नवंबर 2024 में, ACC ने रांची के अधिकारियों से ₹15 करोड़ से ज़्यादा की जीएसटी डिमांड को भी चुनौती दी थी, जो इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम रिजेक्शन से जुड़ी थी।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि सीमेंट सेक्टर में टैक्स कंप्लायंस को लेकर चुनौतियाँ आम हैं। UltraTech Cement जैसी कंपनियों ने भी शॉर्ट पेमेंट और ITC मुद्दों पर ₹7.82 अरब की जीएसटी डिमांड का सामना किया है, साथ ही ₹53.81 करोड़ की एक और डिमांड भी भुगती है। Shree Cement लगभग ₹149 करोड़ की ड्राफ्ट टैक्स डिमांड से जूझ रही है, और Ambuja Cements को भी ₹1.34 करोड़ का टैक्स डिमांड ऑर्डर मिला था।
आगे क्या?
ACC Limited अब एक औपचारिक अपील प्रक्रिया शुरू करेगी। कंपनी को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया के दौरान उसके रोज़मर्रा के कामकाज में कोई रुकावट नहीं आएगी। इस मामले का मुख्य जोखिम यह है कि यदि अपील असफल होती है, तो कंपनी पर ₹59.81 करोड़ का बड़ा वित्तीय बोझ आ सकता है। शेयरहोल्डर्स इस अपील के प्रोग्रेस और फाइनल आउटकम पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
