नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
वित्त वर्ष 2025-26 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के लिए ACC Limited के शानदार ऑडिटेड वित्तीय नतीजे सामने आए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹25,961.85 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹2,402.27 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू ₹25,566.33 करोड़ रहा और PAT ₹2,424.56 करोड़ रहा।
शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए ₹7.50 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद अगली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में दिया जाएगा। कंपनी की 90वीं AGM 26 जून, 2026 को निर्धारित है, जिसमें डिविडेंड के अधिकार के लिए 12 जून, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। डिविडेंड का भुगतान 1 जुलाई, 2026 या उसके बाद किया जाएगा।
मर्जर की प्रक्रिया और कानूनी पेंच
ACC Limited, जो अब अडानी ग्रुप का हिस्सा है, अंबूजा सीमेंट लिमिटेड के साथ अपने विलय (Amalgamation) की प्रक्रिया में है। दिसंबर 2025 में अंबूजा सीमेंट के बोर्ड ने ACC लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड को खुद में मर्ज करने की योजना को मंजूरी दी थी। इस मर्जर का मुख्य उद्देश्य एक एकीकृत पैन-इंडिया सीमेंट प्लेटफॉर्म बनाना है। मर्जर के लिए तय की गई नियुक्त तिथि (Appointed Date) 1 जनवरी, 2026 थी, और इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक साल लगने की उम्मीद है, जो विभिन्न नियामक मंजूरियों पर निर्भर करती है।
इसके साथ ही, ACC को कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) से जुड़ी कानूनी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। CCI सीमेंट कंपनियों पर कार्टेलाइजेशन और अनुचित प्रतिस्पर्धा प्रथाओं के आरोप में 2016 से जांच कर रही है। हालांकि पहले CCI ने भारी जुर्माना लगाया था, लेकिन ये मामले फिलहाल सुप्रीम कोर्ट और NCLAT में विचाराधीन हैं।
आगे क्या देखना होगा
शेयरधारकों के लिए ₹7.50 प्रति शेयर का डिविडेंड एक अच्छी खबर है। वहीं, अंबूजा सीमेंट के साथ मर्जर की प्रक्रिया पर सभी की निगाहें होंगी, क्योंकि इसके पूरा होने पर ACC एक अलग लिस्टेड कंपनी के रूप में नहीं रह जाएगा। CCI के साथ चल रहे कानूनी मामले भी कंपनी के भविष्य पर असर डाल सकते हैं।
