ABB India की पहली तिमाही में 'ऑर्डर बूम' और $75 मिलियन का बड़ा निवेश
ABB India ने 2026 की पहली तिमाही (Jan-Mar) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने अपने ऑर्डर्स में पिछले साल के मुकाबले 25% का जबरदस्त उछाल दर्ज किया है, जो ₹4,280 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। यह तेजी कंपनी के इलेक्ट्रिफिकेशन और ऑटोमेशन सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग का सीधा संकेत है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 6% बढ़कर ₹3,184 करोड़ रहा।
$75 मिलियन का इन्वेस्टमेंट और भविष्य की योजना
बाजार की मजबूत मांग को भुनाने के लिए ABB India ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी $75 मिलियन (लगभग ₹620 करोड़) का निवेश करने की योजना बना रही है। यह फंड मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग और R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी का फोकस रिन्यूएबल्स (नवीकरणीय ऊर्जा) और डेटा सेंटर्स जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर्स पर रहेगा। कंपनी के पास 31 मार्च 2026 तक ₹11,094 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बैकलॉग है, जो आने वाले समय में अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है।
मुनाफा दबाव में क्यों?
इन मजबूत नंबरों के बावजूद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (लाभप्रदता) पर थोड़ा दबाव देखा गया। इसका मुख्य कारण सेल्स मिक्स का उतना फेवरेबल (अनुकूल) न होना और बढ़ती लागतें हैं। पुराने, कम मार्जिन वाले ऑर्डर्स का पूरा होना भी एक वजह रहा। इसके अलावा, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, करेंसी में उतार-चढ़ाव और प्रोजेक्ट की धीमी गति भी चुनौतियां पेश कर सकती हैं। वैश्विक तनाव (जैसे पश्चिम एशिया में) ऊर्जा कीमतों और लॉजिस्टिक्स को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे निकट भविष्य में मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
कंपीटिशन में कौन?
ABB India का मुकाबला Siemens India और Schneider Electric India जैसी कंपनियों से है, जो भारत के इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और इलेक्ट्रिफिकेशन मार्केट में सक्रिय हैं। ये कंपनियां भी ऐसे ही ग्रोथ सेक्टर्स और टेक्नोलॉजी अपडेट्स में निवेश कर रही हैं।
मुख्य वित्तीय आंकड़े (Q1 2026):
- ऑर्डर्स: ₹4,280 करोड़ (स्टैंडअलोन)
- रेवेन्यू: ₹3,184 करोड़ (स्टैंडअलोन), पिछले साल से 6% ज्यादा
- ऑर्डर बैकलॉग: ₹11,094 करोड़ (31 मार्च 2026 तक), पिछले साल से 17% ज्यादा
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): ₹342 करोड़ (स्टैंडअलोन)
- कैश रिजर्व (रोबोटिक्स को छोड़कर): ₹6,042 करोड़ (स्टैंडअलोन)
