रोबोटिक्स बिजनेस की बिक्री से चमके नतीजे, पर कोर में दबाव
ABB India के लिए मार्च 2026 में समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 5.84% बढ़कर ₹3,283.70 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹3,102.40 करोड़ था। लेकिन, यह रिपोर्टेड प्रॉफिट मुख्य रूप से रोबोटिक्स बिजनेस की बिक्री से मिले ₹1,658.48 करोड़ के एकमुश्त लाभ (One-time Gain) की वजह से ₹1,783.65 करोड़ के स्तर पर पहुंचा।
मुख्य कामकाज में क्यों आई गिरावट?
दूसरी ओर, कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों पर नजर डालें तो, टैक्स के बाद मुख्य परिचालन (Continuing Operations) से होने वाला प्रॉफिट 25.23% गिरकर ₹341.91 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹457.31 करोड़ था। दरअसल, इस तिमाही में कंपनी के मुख्य व्यवसाय में खर्चों में हुई बढ़ोतरी रेवेन्यू की रफ्तार से कहीं ज्यादा तेज रही, जिसने प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाला।
ABB Group के ग्लोबल फैसले का असर
यह ग्लोबल पोर्टफोलियो एडजस्टमेंट ABB India के ग्लोबल पैरेंट, ABB Group, के फैसले का हिस्सा है। ABB Group ने अपने रोबोटिक्स और डिस्क्रीट ऑटोमेशन बिजनेस को लगभग $2 बिलियन में Clayton, Dubilier & Rice (CD&R) को बेचा है। इस सौदे के पूरा होने के बाद, ABB India अब अपने इलेक्ट्रिफिकेशन (Electrification) और मोशन (Motion) जैसे मुख्य व्यवसायों पर ज्यादा फोकस करेगी।
आगे क्या उम्मीद करें?
अब ABB India के वित्तीय नतीजों में रोबोटिक्स सेगमेंट शामिल नहीं होगा। निवेशकों को अब कंपनी के बचे हुए मुख्य सेगमेंट्स, जैसे इलेक्ट्रिफिकेशन, मोशन, और प्रोसेस ऑटोमेशन, में मैनेजमेंट की ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी को ड्राइव करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी होगी। प्रतिस्पर्धी माहौल में मार्जिन दबाव और एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) जैसे कुछ प्रमुख जोखिम बने हुए हैं, जिनसे निपटना कंपनी के लिए अहम होगा।
