SEBI के 'इनसाइडर ट्रेडिंग (निषेध) विनियम, 2015' के तहत, Wanbury Limited ने अगले वित्तीय वर्ष 2026 के अपने ऑडिटेड नतीजों की घोषणा से ठीक पहले, 1 अप्रैल, 2026 से सिक्योरिटीज ट्रेडिंग विंडो को बंद रखने का फैसला किया है। यह नियम बाजार की अखंडता बनाए रखने और गैर-सार्वजनिक जानकारी रखने वाले लोगों को ट्रेडिंग करने से रोकने के लिए बनाया गया है। यह विंडो नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद फिर से खुलेगी।
1988 में स्थापित, Wanbury Limited भारत की एक जानी-मानी फार्मास्युटिकल कंपनी है। यह एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (APIs) और ब्रांडेड फॉर्मूलेशन में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं USFDA और EUGMP द्वारा अप्रूव्ड हैं, और यह 50 से अधिक देशों में अपने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है। Wanbury, Metformin HCl के प्रमुख भारतीय निर्माताओं में से एक है और Tramadol का एक महत्वपूर्ण निर्यातक भी है।
हाल ही में, Wanbury को ANVISA Brazil से Sertraline Form II और Metformin DC के एक खास ग्रेड के लिए अप्रूवल मिला है। कंपनी के हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात करें तो, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों में कंपनी ने ₹44.4 करोड़ का शानदार प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹10.3 करोड़ की तुलना में काफी बड़ी छलांग है।
हालांकि कंपनी ग्रोथ दिखा रही है, लेकिन इसने 2017 में SEBI के एक आदेश और प्रमोटर एंटिटी द्वारा डिस्क्लोजर लैप्स जैसी नियामक जांचों का भी सामना किया है। इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर के दौरान, डायरेक्टर्स, की मैनेजरियल पर्सनल (KMP) और कर्मचारियों को Wanbury के सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग करने से रोक दिया गया है। अब निवेशकों की नजरें बोर्ड मीटिंग की तारीख पर टिकी हैं, जिसमें Q4 FY26 और पूरे FY26 के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।
Wanbury, Sun Pharmaceutical Industries, Divis Laboratories, Cipla, और Dr. Reddy's Laboratories जैसी बड़ी कंपनियों के साथ भारत के मजबूत फार्मास्युटिकल सेक्टर में काम करती है। API मैन्युफैक्चरिंग, जेनेरिक ड्रग्स और ब्रांडेड फॉर्मूलेशन के माध्यम से यह कंपनी भारतीय फार्मा की ग्लोबल पोजिशन में योगदान देती है। वित्तीय नतीजे आने से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद करना इंडस्ट्री में एक आम बात है।
