SEBI के नियमों का पालन, 'इनसाइडर ट्रेडिंग' पर लगाम
SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग का प्रतिषेध) विनियम, 2015 के अनुसार, VIVO BIO TECH LIMITED ने 1 अप्रैल, 2026 से अपने 'ट्रेडिंग विंडो' को बंद करने की घोषणा की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के चौथी तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के ऑडिटर नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले किसी भी अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी (unpublished price-sensitive information) के दुरुपयोग को रोकना है।
क्यों होती है ट्रेडिंग विंडो बंद?
जब कोई कंपनी अपने वित्तीय नतीजे जारी करने वाली होती है, तो अंदरूनी लोगों (जैसे डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और कर्मचारी) को उन नतीजों का फायदा उठाकर शेयर खरीदने या बेचने से रोकने के लिए यह 'ट्रेडिंग विंडो' बंद कर दी जाती है। यह प्रक्रिया 1987 में स्थापित, हैदराबाद स्थित कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (CRO) VIVO BIO TECH के लिए नई नहीं है; उन्होंने Q4 FY24 नतीजों से पहले भी इसी तरह के कदम उठाए थे। कंपनी का रेग्युलेटरी अनुपालन का रिकॉर्ड मजबूत रहा है।
कब खुलेगी ट्रेडिंग विंडो?
यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक कंपनी के ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजे आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हो जाते। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक यह 'ट्रेडिंग विंडो' बंद रहेगी। इस अवधि में, कंपनी के अंदरूनी लोग और उनके करीबी रिश्तेदार VIVO BIO TECH के किसी भी शेयर की खरीद-बिक्री नहीं कर सकते।
पिछले नतीजों पर एक नजर
दिसंबर 2025 में समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए, VIVO BIO TECH ने ₹13.65 करोड़ का रेवेन्यू और ₹1.25 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
इंडस्ट्री के अन्य खिलाड़ी
VIVO BIO TECH बायोटेक्नोलॉजी और कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च सेक्टर में काम करती है। भारत में इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में बायोकॉन लिमिटेड (Biocon Ltd.), एंथम बायोसाइंसेज लिमिटेड (Anthem Biosciences Ltd.), और साई लाइफ साइंसेज लिमिटेड (Sai Life Sciences Ltd.) शामिल हैं।
