कंपनी के बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए ₹2 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है, जिसे मंजूरी के लिए शेयरहोल्डर्स के सामने रखा जाएगा।
इसके साथ ही, Vijaya Diagnostics ने Medinova Millennium की डायग्नोस्टिक सेवाओं - जिसमें MRI, EEG और NCV सर्विसेज शामिल हैं - को करीब ₹4.20 करोड़ में हासिल करने का फैसला किया है। इस अधिग्रहण से कंपनी अपनी सर्विस रेंज को और बेहतर बनाएगी।
शेयरधारकों को डिविडेंड देने के अलावा, कंपनी ने अपने कर्मचारियों को भी पुरस्कृत करने का प्लान बनाया है। VDCL Employee Stock Option Plan 2018 के तहत, ₹784 प्रति ऑप्शन की दर से 1,79,500 ESOPs जारी करने की मंजूरी दी गई है, ताकि टैलेंटेड कर्मचारियों को कंपनी के साथ जोड़े रखा जा सके।
इन अहम फैसलों के बीच, एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई कि इंडिपेंडेंट डायरेक्टर डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी (Dr. D Nageshwar Reddy) अपने दूसरे कार्यकाल के लिए पुनः नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे।
बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की भी समीक्षा की, हालांकि नतीजों का पूरा विवरण अभी जारी नहीं किया गया है।
यह अधिग्रहण, जिसे रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (Related Party Transaction) माना जा रहा है, अगले तीन महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। SEBI नियमों के तहत इसे छूट मिली हुई है, पर ऐसे सौदों पर इंडस्ट्री की नजर रहती है।
यह कदम डायग्नोस्टिक सेक्टर में चल रहे विस्तार की प्रवृत्ति के अनुरूप है, जहां Dr. Lal PathLabs और Metropolis Healthcare जैसी कंपनियां भी अपने नेटवर्क और सेवाओं को लगातार बढ़ा रही हैं।
अब आगे कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में डिविडेंड को अंतिम मंजूरी दी जानी है, और अधिग्रहण प्रक्रिया को भी पूरा किया जाना है। साथ ही, एक नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति भी की जाएगी।
