पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में 19.5% का इजाफा देखा गया, जो ₹814.20 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 20.3% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹172.98 करोड़ पर पहुंच गया।
Q4 FY26 में EBITDA मार्जिन 43.5% रही, जो पिछले साल की समान अवधि के 39.8% से 379 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। पूरे FY26 के लिए मार्जिन सुधरकर 41.4% हो गई, जबकि FY25 में यह 40.1% थी। यह परफॉरमेंस डायग्नोस्टिक सर्विसेज की मजबूत मांग और कंपनी के नेटवर्क विस्तार को दर्शाती है। बेहतर EBITDA मार्जिन ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और प्रभावी कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) का नतीजा है, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) बढ़ी है।
Vijaya Diagnostic Centre साउथ इंडिया में अपने डायग्नोस्टिक हब (Hubs) और स्पोक (Spokes) के नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी की रणनीति है कि नए सेंटर्स को जल्द से जल्द ब्रेक-ईवन (Break-even) पर लाया जाए। कंपनी टेक्नोलॉजी में भी निवेश कर रही है, जिसमें AI-आधारित सॉल्यूशंस (AI-led solutions) शामिल हैं, ताकि डायग्नोस्टिक सटीकता (diagnostic accuracy) और वर्कफ़्लो ऑप्टिमाइज़ेशन (workflow optimization) को बेहतर बनाया जा सके।
FY27 के लिए कंपनी 4-5 नए हब और 10-12 स्पोक जोड़ने की योजना बना रही है। इसके अलावा, स्पेशलाइज्ड डायग्नोस्टिक्स में कदम रखते हुए कंपनी एडवांस्ड जेनोमिक टेस्टिंग (advanced genomic testing) की सुविधा भी शुरू करेगी। AI सॉल्यूशंस का लगातार उपयोग एफिशिएंसी (efficiency) और सटीकता बढ़ाने का वादा करता है, वहीं नए सेंटर्स तेजी से ब्रेक-ईवन हासिल कर रहे हैं।
हालांकि, कंपनी के आगे के स्टेटमेंट कुछ रिस्क (risks) और अनिश्चितताओं के अधीन हैं, जैसे कि आर्थिक माहौल में बड़े बदलाव, टैक्स कानून, इंपोर्ट ड्यूटी, मुकदमेबाजी और लेबर रिलेशंस। सेक्टर में Dr. Lal PathLabs और Metropolis Healthcare जैसे अन्य बड़े डायग्नोस्टिक प्लेयर भी नेटवर्क विस्तार और नई टेक्नोलॉजी के इंटीग्रेशन पर काम कर रहे हैं।
