Vijaya Diagnostic Centre: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! ₹2 का डिविडेंड और बड़ा अधिग्रहण, आगे क्या?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Vijaya Diagnostic Centre: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! ₹2 का डिविडेंड और बड़ा अधिग्रहण, आगे क्या?
Overview

Vijaya Diagnostic Centre के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी के बोर्ड ने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 2026 के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी है और **₹2 प्रति शेयर** के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, कंपनी ने **₹4.20 करोड़** का एक MRI, EEG और NCV सर्विसेज वाला बिजनेस भी खरीदा है।

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डिविडेंड और अधिग्रहण: बोर्ड के अहम फैसले

Vijaya Diagnostic Centre Ltd. के बोर्ड की बैठक 7 मई, 2026 को हुई, जहाँ कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी। सबसे बड़ा ऐलान ₹2 प्रति इक्विटी शेयर (यानी 200%) के फाइनल डिविडेंड का हुआ, जो शेयरधारकों को AGM में मंजूरी मिलने के बाद मिलेगा।

इसके साथ ही, कंपनी ने ₹4.20 करोड़ में एक MRI, EEG और NCV सर्विसेज का बिजनेस अधिग्रहण करने का फैसला किया है। इस अधिग्रहण का मकसद कंपनी की सेवाओं का विस्तार करना और ज्यादा मरीजों को आकर्षित करना है, जिससे रेवेन्यू में बढ़ोतरी की उम्मीद है। यह सौदा Medinova Millennium MRI Services LLP से हुआ है और इसे कंपनी के ऑपरेशन्स में इंटीग्रेट किया जाएगा।

कर्मचारियों को स्टॉक ऑप्शन (ESOPs)

बोर्ड ने 1,79,500 एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शंस (ESOPs) देने को भी मंजूरी दी है। इन ESOPs का मकसद कर्मचारियों को कंपनी की ग्रोथ से जोड़ना और उन्हें मोटिवेट करना है। ये ऑप्शन 'VDCL Employee Stock Option Plan 2018' के तहत दिए जाएंगे।

अन्य अहम बातें

एक अन्य बड़ी खबर यह है कि इंडिपेंडेंट डायरेक्टर डॉ. डी नागेश्वर रेड्डी ने अपने कार्यकाल के अंत में पुनः नियुक्ति के लिए मना कर दिया है। कंपनी ने 2023 के अंत में कर्नाटक की एक लैबोरेटरी का अधिग्रहण भी किया था, जिसकी लागत करीब ₹5 करोड़ थी।

निवेशकों और ऑपरेशन्स पर असर

शेयरधारकों को ₹2 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिल सकता है, बशर्ते AGM में यह पास हो जाए। कंपनी इस नए खरीदे गए MRI, EEG और NCV सर्विसेज को अपने मौजूदा डायग्नोस्टिक क्षमताओं में शामिल करेगी। कर्मचारियों को दिए जा रहे ESOPs उनके भविष्य के कंपनसेशन को कंपनी के शेयर प्रदर्शन से जोड़ेंगे।

क्या हैं देखने लायक बातें?

FY26 के पूरे ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी नहीं हुए हैं, इसलिए निवेशकों को अभी डिटेल्ड परफॉरमेंस मैट्रिक्स का इंतजार है। एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का जाना भी कुछ जानकारों की नजर में रह सकता है। हालांकि, अधिग्रहण एक रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन है, लेकिन SEBI के नियमों के तहत इसमें छूट मिली है।

इंडस्ट्री में कंपनी की पोजिशन

Vijaya Diagnostic Centre का मुकाबला Dr. Lal PathLabs Ltd., Metropolis Healthcare Ltd., और Thyrocare Technologies Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों से है। जहां Dr. Lal PathLabs और Metropolis का देश भर में बड़ा नेटवर्क है, वहीं Vijaya Diagnostic दक्षिण भारत में मजबूत पकड़ बनाए हुए है। Thyrocare का मॉडल थोड़ा अलग है, जो कॉस्ट-एफिशिएंट हब-एंड-स्पोक पर फोकस करता है।

आगे क्या?

  • AGM की तारीख और डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान।
  • MRI, EEG, NCV सर्विसेज के अधिग्रहण का फाइनल क्लोजर, जो अगले तीन महीनों में होने की उम्मीद है।
  • Q4 और पूरे FY26 के डिटेल्ड फाइनेंशियल नंबर्स की घोषणा।
  • बोर्ड में नए डायरेक्टरों की नियुक्ति पर अपडेट।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.