SEBI का यह कदम निवेशकों के हित में उठाया गया है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 30 जनवरी 2026 को एक सर्कुलर जारी कर कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे एक साल की विशेष विंडो खोलें। Syschem India इस निर्देश का पालन करते हुए 5 फरवरी 2026 से 4 फरवरी 2027 तक यह सुविधा दे रही है।
इस विंडो का मकसद 1 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए फिजिकल शेयरों के ट्रांसफर और डीमैटरियलाइजेशन (Dematerialisation) की प्रक्रिया को सुगम बनाना है। यह उन शेयरधारकों के लिए भी एक बड़ा अवसर है जिनके ट्रांसफर रिक्वेस्ट्स डॉक्यूमेंटेशन या अन्य प्रोसीजरल कमियों के कारण पहले रिजेक्ट हो गए थे या अटके हुए थे।
निवेशक अब ऐसे पेंडिंग या रिजेक्टेड ट्रांसफर रिक्वेस्ट्स को फिर से सबमिट कर सकते हैं, ताकि उनके शेयर ट्रांसफरी के डीमैट अकाउंट में सही ढंग से क्रेडिट हो सकें। फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट रखने वाले निवेशक अपने होल्डिंग्स को रेगुलराइज़ करने और मालिकाना हक सुनिश्चित करने के लिए इस अवधि का उपयोग कर सकते हैं।
यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस विशेष विंडो के दौरान ट्रांसफर किए गए शेयरों पर उनके रजिस्ट्रेशन की तारीख से एक साल का लॉक-इन पीरियड लागू होगा।
कंपनी ने हाल ही में कुछ कॉर्पोरेट एक्शन भी किए हैं, जिनमें फरवरी 2026 में प्रमोटर्स के बीच इंटर-से ट्रांसफर और मार्च 2026 में प्रमोटर ग्रुप को प्रेफरेंशियल शेयर अलॉटमेंट शामिल है, जिससे उनकी कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ी है।
ट्रांसफर रिक्वेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए, निवेशकों को पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा और 4 फरवरी 2027 की अंतिम तिथि तक सभी आवश्यक कागजात जमा करने होंगे।
