डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर शेयरहोल्डर्स की मुहर
Supriya Lifescience Ltd. ने अपने डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए हुए पोस्टल बैलेट वोटिंग के नतीजे जारी कर दिए हैं। शेयरहोल्डर्स ने श्री मनीष पांचाल और श्री कोथंदरमन हरि को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर और डॉ. नीलम अरोड़ा को दूसरे टर्म के लिए री-अपॉइंट करने पर ज़बरदस्त हामी भरी है।
कुल 5,83,23,239 शेयरों पर वोटिंग हुई, जिसमें श्री पांचाल के पक्ष में 99.8576%, श्री हरि के पक्ष में 99.8575% और डॉ. अरोड़ा के पक्ष में 99.5870% वोट पड़े। वहीं, कुछ ही शेयर 0.1424% से 0.1430% के बीच इन नियुक्तियों के खिलाफ वोट हुए।
नए डायरेक्टर्स का कार्यकाल और बोर्ड की मजबूती
श्री पांचाल और श्री हरि पांच साल के लिए डायरेक्टर्स के तौर पर अपना कार्यकाल 9 फरवरी 2026 से शुरू करेंगे। इसी तरह, डॉ. नीलम अरोड़ा का दूसरा टर्म भी 5 मार्च 2026 से पांच साल के लिए शुरू होगा। इन नियुक्तियों का मकसद कंपनी के गवर्नेंस फ्रेमवर्क को और मजबूत करना और स्वतंत्र निगरानी को बढ़ाना है।
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स का महत्व
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिए बेहद अहम होते हैं। वे निष्पक्ष निगरानी और रणनीतिक सलाह प्रदान करते हैं, जिससे सभी शेयरहोल्डर्स, खासकर माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हितों की रक्षा होती है। शेयरहोल्डर्स का यह ज़बरदस्त समर्थन बोर्ड की दिशा और नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता में उनके विश्वास को दर्शाता है।
बोर्ड में बदलाव की पृष्ठभूमि
यह बोर्ड विस्तार रूटीन डायरेक्टर्स ट्रांज़िशन का हिस्सा है। फरवरी 2026 में, कंपनी ने दो पूर्व इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स, श्री दिनेश नवनीतलाल मोदी और श्री दिलीप कुमार जैन, का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने की जानकारी दी थी। इससे नई नियुक्तियों और डॉ. अरोड़ा के री-अपॉइंटमेंट का रास्ता साफ हुआ। इन नियुक्तियों से पहले, 9 फरवरी 2026 को कंपनी ने अपनी प्रमुख कमेटियों, जैसे ऑडिट, नॉमिनेशन और रेमुनरेशन, और स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटियों का पुनर्गठन किया था।
गवर्नेंस पर पिछली चिंताएं और आगे की राह
हालांकि यह घोषणा सकारात्मक शेयरहोल्डर भावना दिखाती है, लेकिन दिसंबर 2021 में स्टेकहोल्डर्स एम्पावरमेंट सर्विसेज (SES) द्वारा कॉर्पोरेट गवर्नेंस, अनुपालन और डिस्क्लोजर को लेकर कुछ चिंताएं उठाई गई थीं। शेयरहोल्डर्स अब कंपनी के उच्च कॉर्पोरेट गवर्नेंस मानकों के पालन पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
इंडस्ट्री का परिदृश्य और रेवेन्यू लक्ष्य
Supriya Lifescience, फार्मा एपीआई सेक्टर में Divi's Laboratories, Laurus Labs और Aarti Industries जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। इन कंपनियों का भी मजबूत गवर्नेंस स्ट्रक्चर पर जोर है। Supriya Lifescience का लक्ष्य FY27 (फाइनेंशियल ईयर 2027) तक ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है।