बोर्ड में R&D एक्सपर्ट की एंट्री, गवर्नेंस को मिलेगी धार
सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Sun Pharma) ने अपने निदेशक मंडल (Board of Directors) में कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इस फेरबदल के तहत, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के क्षेत्र में अपनी खास पहचान रखने वाले डॉ. एंड्रियास बुश 12 मई 2026 से शुरू होने वाले 5 साल के कार्यकाल के लिए कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के रूप में बोर्ड में शामिल होंगे।
साथ ही, सुश्री सत्यवती बेरेरा को कंपनी की दो अहम कमेटियों - ऑडिट कमेटी (Audit Committee) और रिस्क मैनेजमेंट कमेटी (Risk Management Committee) का सदस्य बनाया गया है। ये नियुक्तियां भी 12 मई 2026 से प्रभावी होंगी। वहीं, बोर्ड की एक वरिष्ठ सदस्य, सुश्री रमा बीजापुरकर, 20 मई 2026 को अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा करने के बाद बोर्ड से रिटायर हो जाएंगी।
R&D फोकस और बेहतर गवर्नेंस का लक्ष्य
सन फार्मा का कहना है कि ये बदलाव कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) को मजबूत करने और विशेष रूप से R&D क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। डॉ. बुश की विशेषज्ञता कंपनी की नई दवाओं के विकास (pipeline development) और नवाचार (innovation) को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।
ऑडिट और रिस्क मैनेजमेंट जैसी महत्वपूर्ण कमेटियों में किए गए ये समायोजन, कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग (financial reporting) और जोखिम प्रबंधन (risk mitigation) प्रक्रियाओं पर बेहतर निगरानी सुनिश्चित करेंगे। डॉ. बुश की नियुक्ति के लिए शेयरधारकों (shareholders) की मंजूरी ली जानी बाकी है।
यह कदम भारतीय फार्मा सेक्टर में R&D पर बढ़ते फोकस के अनुरूप है, जहां सिप्ला (Cipla) और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy's Laboratories) जैसी कंपनियां भी अपने बोर्ड में वैज्ञानिक और प्रबंधन पृष्ठभूमि वाले विशेषज्ञों को शामिल करती हैं।
