क्यों मिली है राहत?
SEBI ने 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क की शुरुआत कॉर्पोरेट डेट मार्केट को मजबूत करने के लिए की थी। आम तौर पर, एक 'लार्ज कॉर्पोरेट' वह लिस्टेड कंपनी होती है जिसकी ₹1000 करोड़ या उससे अधिक की लॉन्ग-टर्म बरोइंग (Borrowing) हो और उसकी क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर की हो। ऐसे कंपनियों को अपने नए बरोइंग का कम से कम 25% डेट सिक्योरिटीज के जरिए जुटाना अनिवार्य होता है। Skybiotech Healthcare ने 30 अप्रैल 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में बताया है कि वे इन मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं। यह जानकारी 31 मार्च 2026 तक की स्थिति के आधार पर दी गई है।
रेगुलेटरी राहत और कंपनी की हालत
इस कन्फर्मेशन से Skybiotech को रेगुलेटरी राहत मिली है। कंपनी को अनिवार्य डेट जारी करने की बाध्यता, उससे जुड़े डिस्क्लोजर्स (Disclosures) और संभावित पेनाल्टी (Penalties) से बचना होगा, जिससे उन्हें फाइनेंसिंग स्ट्रैटेजी में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility) मिलेगी।
हालांकि, इस रेगुलेटरी स्पष्टता के बावजूद, Skybiotech Healthcare कई बड़ी वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। 16 अप्रैल 2026 तक MarketsMojo की ओर से कंपनी को 'Strong Sell' रेटिंग मिली हुई है। कंपनी पिछले पांच सालों से ऑपरेटिंग लॉस (Operating Losses) और कमजोर लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल स्ट्रेंथ (Fundamental Strength) से जूझ रही है, और नेट सेल्स (Net Sales) में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। 16 अप्रैल 2026 को Skybiotech ने ₹-2.26 करोड़ का निगेटिव EBITDA और -999,999 गुना का डेट टू EBITDA रेश्यो (Debt to EBITDA Ratio) दर्ज किया। यह सब कंपनी के स्टॉक प्रदर्शन में भी झलकता है, जिसने पिछले एक साल में -33.19% का निगेटिव रिटर्न दिया है।
GHCL Limited जैसी अन्य कंपनियों ने भी इसी तरह की जानकारियां दी हैं, जिससे वे SEBI के डेट जुटाने के अनिवार्य नियमों से बच सकें।
