SEBI के नियमों का पालन करते हुए, Samsrita Labs ने यह फैसला लिया है। कंपनी चाहती है कि जब तक नतीजों जैसी अहम जानकारी पब्लिक न हो जाए, तब तक किसी भी अंदरूनी व्यक्ति (Insider) को कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने की इजाज़त न हो। इसका मकसद मार्केट में सबको बराबरी का मौका देना और पारदर्शिता बनाए रखना है।
इस क्लोजर के दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, मैनेजमेंट के बड़े अधिकारी और उनसे जुड़े लोग (Connected Persons) Samsrita Labs के सिक्योरिटीज (Securities) में ट्रेड नहीं कर पाएंगे। Samsrita Labs, जो एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) बनाती है और NSE पर लिस्टेड है, इस तरह की प्रक्रिया का नियमित रूप से पालन करती है।
अगर कंपनी के Q4 FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) के ऐलान में कोई देरी होती है, तो ट्रेडिंग विंडो क्लोजर की अवधि भी बढ़ सकती है। फार्मा सेक्टर की दूसरी कंपनियां जैसे Granules India और Laurus Labs भी SEBI रेगुलेशन (Regulation) के तहत नतीजों के आसपास इसी तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर लागू करती हैं।
अब निवेशक कंपनी की ओर से Q4 FY26 फाइनेंशियल रिजल्ट्स के ऐलान की सही तारीख और समय का इंतज़ार करेंगे, जिसके बाद ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खुलेगी। नतीजों के साथ आने वाली कोई भी कमेंट्री (Commentary) भी निवेशकों के लिए अहम होगी।