Sun Pharma Advanced Research Company Ltd (SPARC) ने Q4 FY26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिनमें स्टैंडअलोन टोटल इनकम ₹1,855.02 करोड़ और स्टैंडअलोन प्रॉफिट ₹1,760.70 करोड़ रहा। इस तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट में बड़ी बढ़ोतरी की मुख्य वजह USFDA Priority Review Voucher (PRV) की ₹1,840.02 करोड़ की एकमुश्त (one-time) बिक्री से हुई आय रही।
इस बिक्री के चलते, SPARC की नेट वर्थ पॉजिटिव हो गई है और यह ₹1,333.58 करोड़ पर पहुंच गई है, जबकि पिछले साल 31 मार्च 2025 को यह ₹220.62 करोड़ निगेटिव थी। हालांकि, चिंता की बात यह है कि कंपनी का स्टैंडअलोन कर्ज FY26 में बढ़कर ₹556.14 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹158.19 करोड़ था।
SPARC एक फार्मा रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) कंपनी है, जिसका बिजनेस मॉडल लंबी अवधि के R&D पर आधारित है और यह कभी-कभी होने वाली बड़ी फाइनेंशियल डील्स से चलता है। USFDA Priority Review Vouchers (PRVs) दुर्लभ बीमारियों के इलाज को प्रोत्साहित करने के लिए दिए जाते हैं, जिन्हें अन्य दवा कंपनियों को बेचकर बड़ा, लेकिन एक बार का फायदा कमाया जा सकता है।
यह प्रॉफिट बूस्ट एक खास, नॉन-ऑपरेशनल एसेट की बिक्री से आया है, जो कंपनी के लगातार रेवेन्यू जेनरेट करने की क्षमता पर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा, कर्ज में हुई भारी बढ़ोतरी निवेशकों के लिए एक बड़ा कंसर्न बनी हुई है। निवेशकों को SPARC के R&D पाइपलाइन और नई दवाएं लॉन्च करने की क्षमता पर करीब से नजर रखनी होगी। साथ ही, कंपनी अपने बढ़ते कर्ज को कैसे मैनेज करती है, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा।
SPARC अपने सेक्टर की अन्य कंपनियों जैसे Divi's Laboratories, Laurus Labs, Lupin और Cipla के साथ काम करती है, लेकिन उसका मॉडल खास है क्योंकि यह लगातार उत्पाद बिक्री के बजाय एसेट की बिक्री पर अधिक निर्भर है।