SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, Rainbow Children's Medicare ने 1 अप्रैल 2026 से शेयर ट्रेडिंग विंडो को अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया है।
यह फैसला कंपनी के डायरेक्टर्स (directors), ऑफिसर्स (officers) और डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज (designated employees) को अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (unpublished price-sensitive information) का गलत इस्तेमाल करने से रोकने के लिए है। कंपनी अपनी 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (financial year) के ऑडिटेड नतीजों (audited results) की घोषणा के 48 घंटे बाद इस विंडो को दोबारा खोलेगी।
हाल ही में कंपनी ने Q3 FY26 में ₹445.45 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू (consolidated revenue) दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 12% अधिक था। हालांकि, ₹73.90 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax - PAT) मार्जिन में थोड़ी कमी के साथ आया, जिसका मुख्य कारण नए हॉस्पिटल यूनिट्स (hospital units) का विस्तार है। कंपनी की वर्किंग कैपिटल (working capital) की जरूरतें भी हाल के समय में कम हुई हैं।
यह ट्रेडिंग विंडो बंद रखने की प्रक्रिया कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) का एक अहम हिस्सा है, और Rainbow Children's Medicare इस अनुपालन (compliance) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है। यह ट्रेंड हेल्थकेयर सेक्टर (healthcare sector) में काफी आम है। Apollo Hospitals Enterprise Ltd., Fortis Healthcare Ltd., और Max Healthcare Institute Ltd. जैसी कंपनियां भी SEBI के नियमों और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बनाए रखने के लिए इसी तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर लागू करती हैं।
निवेशक अब Rainbow Children's Medicare के पूरे साल के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का इंतजार कर रहे हैं, जो यह भी संकेत देंगे कि ट्रेडिंग विंडो कब फिर से खुलेगी।