शानदार फाइनेंशियल ईयर के नतीजे
RPG Life Sciences ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹115.17 करोड़ (₹11,517 लाख) का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो कि ₹733.06 करोड़ (₹73,306 लाख) की कुल कंसोलिडेटेड इनकम पर आधारित है।
शेयरधारकों को मिलेगा बंपर डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 29 अप्रैल 2026 को हुई मीटिंग में इन नतीजों को मंजूरी दी। सबसे खास बात यह है कि बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹24 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड शेयर के फेस वैल्यू का 300% है और इसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बांटा जाएगा।
बोर्ड हुआ मजबूत, बढ़ी पारदर्शिता
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को और मजबूत करने के लिए, डॉ. प्रतीट सामदानी को 29 अप्रैल 2026 से पांच साल के लिए एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Additional Non-Executive Independent Director) के तौर पर नियुक्त किया गया है। कंपनी ने अपने इंटरनल पॉलिसीज़, जैसे कि कोड ऑफ फेयर डिस्क्लोजर (Code of Fair Disclosure) और डेजिग्नेटेड पर्सन्स के लिए ट्रेडिंग रेगुलेशन्स (Trading Regulations) को भी लेटेस्ट कंप्लायंस स्टैंडर्ड्स के हिसाब से अपडेट किया है।
एपीआई (API) बिज़नेस का सबसिडियरी में ट्रांसफर
कंपनी अपनी एपीआई (API) बिज़नेस कोRPG Active Pharma Limited नाम की अपनी पूरी तरह से नियंत्रित सबसिडियरी (wholly owned subsidiary) में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में है। इस सबसिडियरी का इनकॉर्पोरेशन 24 दिसंबर 2025 को हुआ था और इसका मकसद एपीआई ऑपरेशन्स को बढ़ाना है।
भविष्य की रणनीति और पिछला प्रदर्शन
RPG Life Sciences डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मार्केट्स में फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स, ग्लोबल जेनेरिक्स और सिंथेटिक एपीआई (API) के बिज़नेस में सक्रिय है। कंपनी की नजर स्पेशियलिटी फॉर्मूलेशन बिज़नेस पर है और वह एपीआई एक्विजिशन (acquisition) के अवसर भी तलाश रही है, साथ ही GLP-1 ड्रग मार्केट में एंट्री की योजना बना रही है।
यह ध्यान देने योग्य है कि Q3 FY2025-26 में कंपनी के नेट प्रॉफिट में गिरावट देखी गई थी, जो मार्जिन पर दबाव का संकेत हो सकता है। हालांकि, पूरे साल के नतीजे मजबूत रहे हैं।
किन बातों पर रखें नज़र?
निवेशकों को डिविडेंड के अप्रूवल और पेमेंट टाइमलाइन पर नज़र रखनी चाहिए। इसके अलावा, एपीआई डिवीजन के ट्रांसफर की प्रगति और किसी भी नई स्ट्रैटेजिक अपडेट या एक्विजिशन प्लान पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
