ESG रेटिंग में Piramal Pharma की तरक्की
Piramal Pharma Ltd ने एनवायर्नमेंट, सोशल और गवर्नेंस (ESG) के मोर्चे पर अपनी स्थिति मजबूत की है। कंपनी का ESG स्कोर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बढ़कर 64 हो गया है, जो पिछले साल के 61 से एक अच्छा सुधार है। यह रेटिंग NSE Sustainability Ratings and Analytics Limited द्वारा दी गई है।
कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि NSE Sustainability ने यह रेटिंग स्वैच्छिक (Voluntary) तौर पर तैयार की है, जिसका मतलब है कि यह एक स्वतंत्र मूल्यांकन (Independent Evaluation) है। पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए भी इसी एजेंसी ने 61 का स्कोर दिया था, जो इस बार बढ़ा है।
स्थिरता पर कंपनी का जोर
Piramal Pharma अपनी बिजनेस स्ट्रैटेजी में ESG सिद्धांतों को लगातार शामिल कर रही है। कंपनी उत्सर्जन (Emissions) कम करने और कचरा प्रबंधन (Waste Management) पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025 के लिए, कंपनी ने सीएसआर (CSR) पहलों पर ₹5.34 करोड़ खर्च करने की भी जानकारी दी है।
इसके अलावा, कंपनी ने S&P Global Corporate Sustainability Assessment (CSA) 2025 में 63 का स्कोर हासिल किया है, जो पिछले स्कोर 55 से 15% अधिक है।
अतीत की चुनौतियाँ और आगे का रास्ता
हालांकि, Piramal Pharma को अतीत में कुछ पर्यावरणीय चिंताओं का सामना भी करना पड़ा है। साल 2019 में प्रदूषण के आरोपों के चलते इसके दिगवाल प्लांट (Digwal plant) को बंद करने का आदेश मिला था, और हाल ही में अगस्त 2024 में गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (GPCB) ने दहेज स्थित अपनी यूनिट को भी कथित उल्लंघनों पर बंद करने का नोटिस दिया था। इन मुद्दों का भविष्य की ESG रेटिंग पर असर पड़ सकता है अगर इन्हें पूरी तरह से हल नहीं किया गया।
भारतीय फार्मा सेक्टर में कंपनियां अक्सर ग्लोबल पीयर्स से पीछे रह जाती हैं, लेकिन Piramal Pharma का यह बढ़ा हुआ ESG स्कोर निवेशकों के सेंटीमेंट (Investor Sentiment) को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। निवेशक NSE रेटिंग की स्वतंत्र प्रकृति को महत्वपूर्ण मान सकते हैं।