CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, Park Medi World Ltd ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से जुटाई गई रकम में से ₹702.30 करोड़ का इस्तेमाल किया है। इस कैपिटल का आवंटन मुख्य रूप से बड़े कर्ज को चुकाने, नए हॉस्पिटल बनाने के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) और स्ट्रेटेजिक एक्विजिशन (Strategic Acquisitions) के लिए किया गया था। याद दिला दें कि कंपनी ने अपने IPO में कुल ₹7,700 मिलियन (₹770 करोड़) का ग्रॉस प्रोसीड्स जुटाया था, जिसमें से नेट प्रोसीड्स ₹7,132.77 मिलियन (₹713.27 करोड़) था। इसमें से ₹7,023.02 मिलियन खर्च किए जा चुके हैं।
हालांकि, 31 मार्च 2026 तक IPO के ₹67.70 करोड़ (₹676.98 मिलियन) अभी भी अनयूटिलाइज्ड (Unutilized) पड़े हैं। इसका मुख्य कारण जरूरी मेडिकल इक्विपमेंट की खरीद में हो रही देरी को बताया गया है। खास तौर पर, फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹229.59 मिलियन के उपकरण हासिल करने में हुई देरी से प्रोजेक्ट की टाइमलाइन पर असर पड़ने का जोखिम है।
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर होंगी कि Park Medi World इन खरीद में हो रही देरी को कैसे दूर करती है और बचे हुए कैपिटल को अपने विस्तार लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कितनी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करती है। बता दें कि Apollo Hospitals, Fortis Healthcare और Max Healthcare जैसी बड़ी हॉस्पिटल चेन्स भी विस्तार और टेक्नोलॉजी में लगातार निवेश कर रही हैं, नई सुविधाएं स्थापित कर रही हैं और अपनी मार्केट पोजिशन मजबूत करने के लिए एक्विजिशन कर रही हैं।