नतीजों में बड़ी गिरावट, संपत्ति जब्त
Nutraplus India ने सितंबर 2025 को समाप्त दूसरी तिमाही (Q2 FY26) और 31 मार्च 2025 को समाप्त पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY25) के नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹0.10 करोड़ (9.67 लाख रुपये) रही, जो पिछले साल इसी अवधि में शून्य थी। वहीं, कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹0.46 करोड़ (45.53 लाख रुपये) हो गया, जिसके कारण ₹0.36 करोड़ (35.85 लाख रुपये) का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया। प्रति शेयर आय (EPS) ₹0.11 निगेटिव रही।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, Nutraplus India की कुल आय शून्य रही, जबकि खर्च ₹0.05 करोड़ (5.01 लाख रुपये) थे, जिससे ₹0.05 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ।
गंभीर वित्तीय संकट और एसेट्स सीज़
Nutraplus India की वित्तीय सेहत बेहद नाजुक बनी हुई है। कंपनी की संपत्ति, जिसमें प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट शामिल हैं, को SARFEASI एक्ट, 2002 के तहत जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई कंपनी के NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित होने के बाद हुई, जिसने इसके परिचालन क्षमताओं को बुरी तरह प्रभावित किया है।
शेयरधारकों के लिए मुख्य चिंताएं
- बैंकों द्वारा परिचालन संपत्ति जब्त किए जाने से शेयरधारकों के लिए भविष्य अनिश्चित है।
- कंपनी का नेट वर्थ ₹5.72 करोड़ निगेटिव हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में ₹5.35 करोड़ निगेटिव था।
- ऑडिटर्स को सभी आवश्यक वित्तीय डेटा प्राप्त करने में कठिनाई हुई है, जिससे रिपोर्ट की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
- नियामकों और स्टॉक एक्सचेंज द्वारा कंपनी के स्टॉक पर अधिक scrutiny की जा सकती है।
प्रमुख जोखिम और वित्तीय कमजोरियां
- निगेटिव नेट वर्थ: 30 सितंबर 2025 तक कंपनी की कुल इक्विटी ₹5.72 करोड़ निगेटिव थी।
- संपत्ति जब्त: SARFEASI एक्ट के तहत सभी प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट जब्त हो चुके हैं।
- क्वालिफाइड ऑडिट: ऑडिटर सभी जरूरी वित्तीय डेटा प्राप्त नहीं कर पाए और लिस्टिंग मानदंडों का पालन करने में कमी पाई गई।
- बढ़ता घाटा: तिमाही शुद्ध घाटे में साल-दर-साल बड़ी वृद्धि हुई है।
- उच्च देनदारियां: ₹8.45 करोड़ के ट्रेड पेएबल्स और ₹2.23 करोड़ के उधार के साथ, कंपनी के पास कोई संपत्ति उपलब्ध नहीं है।
- पिछली नियामक समस्याएं: SEBI ने पहले भी कंपनी के स्टॉक से जुड़े धोखाधड़ी वाले कारोबार और हेरफेर के लिए संस्थाओं पर जुर्माना लगाया था।
Nutraplus India की स्थिति बेहद चिंताजनक है, और निवेशकों को कंपनी के भविष्य के बारे में गंभीर जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।
