Metropolis Healthcare: Q4 FY26 में रेवेन्यू 23% बढ़ा, जानिए पूरी कहानी
Metropolis Healthcare ने Q4 FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 23% बढ़ा है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह कंपनी के वेलनेस (TruHealth) और स्पेशियलिटी टेस्टिंग बिजनेस में आई जबरदस्त तेजी है। वेलनेस सेगमेंट में 25% और स्पेशियलिटी टेस्टिंग में 29% की ग्रोथ दर्ज की गई है।
कंपनी के दोनों प्रमुख चैनल - B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) और B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) - ने भी दमदार प्रदर्शन किया है। B2C चैनल 19% बढ़ा, वहीं B2B सेगमेंट में 30% की जोरदार बढ़ोतरी हुई।
ऑर्गेनिक ग्रोथ की बात करें तो, नए एक्विजिशन को छोड़कर कंपनी का ऑर्गेनिक रेवेन्यू लगभग 14.5% बढ़ा है, जो कि कंपनी के मौजूदा बिजनेस की मजबूती को दिखाता है।
स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन से मिली मजबूती
Metropolis Healthcare अपने विस्तार के लिए स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन पर जोर दे रही है। हाल के एक्विजिशन, जैसे Core Diagnostics, Scientific Pathology, Dr. Ahuja's Pathology और Ambika Pathology, अच्छी तरह से इंटीग्रेट हो रहे हैं। खास तौर पर, ₹247 करोड़ में खरीदे गए Core Diagnostics ने नॉर्थ इंडिया में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाई है और ऑन्कोलॉजी (कैंसर) सेगमेंट में कंपनी को मजबूत किया है। कंपनी को उम्मीद है कि Core Diagnostics का मार्जिन FY26 के अंत तक डबल डिजिट में पहुंच जाएगा और तीन साल में Metropolis के ओवरऑल मार्जिन के बराबर हो जाएगा।
कोर डायग्नोस्टिक्स डिवीजन में मार्जिन सुधार
एक्विजिशन के इंटीग्रेशन से Core Diagnostics डिवीजन के मार्जिन में सुधार हुआ है और यह अब हाई सिंगल डिजिट (High Single Digit) रेंज में है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी की ओर इशारा करता है।
कॉम्पिटिशन के मुकाबले बेहतर परफॉरमेंस
Metropolis Healthcare की 23% की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ, इंडस्ट्री में काफी अच्छी मानी जा रही है। तुलना के लिए, Dr. Lal PathLabs ने Q3 FY26 में 10.6% की ग्रोथ दिखाई थी, जबकि Vijaya Diagnostic Centre ने Q3 FY26 में 21.4% की ग्रोथ दर्ज की थी। भारतीय पैथोलॉजी लैब सर्विसेज मार्केट का अनुमान है कि 2034 तक 9.37% की CAGR से बढ़कर USD 45.4 बिलियन का हो जाएगा।
आगे की राह
Q4 FY26 के नतीजे बताते हैं कि Metropolis Healthcare FY27 में भी मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ जारी रख सकती है। निवेशकों की नजर अब नए एक्विजिशन के इंटीग्रेशन, ऑर्गेनिक ग्रोथ की निरंतरता, Core Diagnostics में मार्जिन सुधार और कंपनी की विस्तार योजनाओं पर रहेगी।