दवाओं की बिक्री पर लगी रोक
Medplus Health Services Limited ने बताया है कि उसकी सब्सिडियरी Optival Health Solutions Private Limited के छत्तीसगढ़ स्थित एक स्टोर का ड्रग लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के कथित उल्लंघन के चलते की गई है।
कितना होगा नुकसान?
कंपनी का अनुमान है कि इस सस्पेंशन से प्रभावित स्टोर से लगभग ₹16.00 लाख (यानी ₹0.16 करोड़) का रेवेन्यू लॉस हो सकता है। हालांकि, Medplus जैसी बड़ी फार्मेसी चेन के लिए यह रकम बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार सब्सिडियरीज़ पर ऐसी रेगुलेटरी कार्रवाई ग्रुप की कंप्लायंस (compliance) पर सवाल खड़े करती है।
बैकग्राउंड और चिंताएं
Medplus Health Services, जो 2006 में शुरू हुई थी, भारत की सबसे बड़ी फार्मेसी रिटेलर्स में से एक है। इसकी सब्सिडियरी Optival Health Solutions के लिए यह पहली बार नहीं है जब ड्रग लाइसेंस सस्पेंड हुआ है। इससे पहले भी कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में इसके स्टोर्स पर ऐसी कार्रवाई हो चुकी है। 2017 के एक कोर्ट केस में भी Optival Health Solutions का नाम इसी एक्ट के तहत आया था। ये लगातार मामले कंप्लायंस को लेकर चल रही चुनौतियों की ओर इशारा करते हैं।
कॉम्पिटिशन पर असर
Medplus, Apollo Pharmacy, Netmeds (Reliance Retail) और PharmEasy जैसे बड़े खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा करती है। जहां बाकी कंपनियां भी रेगुलेटरी माहौल में काम करती हैं, वहीं Medplus की सब्सिडियरी के बार-बार लाइसेंस सस्पेंशन के मामले उसकी कंप्लायंस रिस्क प्रोफाइल को थोड़ा ऊंचा कर सकते हैं।
कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन
आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक Medplus Health Services ने Q3 FY26 तिमाही में ₹1,561 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹46 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया था।
