अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (US FDA) ने भारतीय दवा कंपनी Lupin (ल्यूपिन) को Pitolisant Tablets (4.45mg और 17.8mg) के लिए 'टेंटेटिव' अप्रूवल दिया है। यह अप्रूवल उस दवा के लिए है, जिसका निर्माण Lupin के नागपुर (Nagpur) स्थित प्लांट में हुआ है।
ये टैबलेट्स Harmony Biosciences के Wakix® के बायोइक्विवेलेंट (bioequivalent) हैं। इस मंजूरी से Lupin को अमेरिकी बाज़ार में अपनी पैठ मजबूत करने में मदद मिलेगी।
'टेंटेटिव' अप्रूवल का मतलब है कि दवा ने सभी तकनीकी मानक पूरे कर लिए हैं, लेकिन अंतिम मंजूरी पेटेंट और एक्सक्लूसिविटी (exclusivity) से जुड़े मुद्दों के हल होने पर निर्भर करेगी।
Lupin का नागपुर प्लांट ओरल सॉलिड डोज़ (oral solid dosage) और इंजेक्टेबल प्रोडक्ट्स बनाने का एक अहम केंद्र है। इस अप्रूवल से भारत की वैश्विक फार्मा मैन्युफैक्चरिंग में भूमिका और मज़बूत होगी।
Harmony Biosciences का Wakix® narcolepsy के इलाज में काफी सफल रहा है, जिसने 2019 से अब तक $2 बिलियन से ज़्यादा का कुल नेट रेवेन्यू (net revenue) कमाया है। इसके सालाना $1 बिलियन से ज़्यादा की कमाई का अनुमान है।
'टेंटेटिव' स्टेटस यह भी दर्शाता है कि पेटेंट या एक्सक्लूसिविटी अवधि समाप्त होने के बाद ही Lupin अपनी दवा बाज़ार में उतार पाएगी, जिससे बाज़ार में आने में देरी हो सकती है। कंपनी को US FDA के cGMP मानकों का पालन भी बनाए रखना होगा।
Lupin, भारतीय फार्मा सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों जैसे Sun Pharmaceutical Industries, Dr. Reddy's Laboratories, Cipla और Aurobindo Pharma के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में है, जिनकी अमेरिका में अच्छी-खासी मौजूदगी है।
निवेशकों को अब US FDA से मिलने वाली फाइनल अप्रूवल, पेटेंट से जुड़े मुद्दों के समाधान और Lupin द्वारा अपनाई जाने वाली लॉन्च स्ट्रेटेजी (मूल्य निर्धारण और वितरण योजना) पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।