अमेरिकी बाज़ार में तूफानी प्रदर्शन
Lupin की रिकॉर्डतोड़ कमाई के पीछे सबसे बड़ा हाथ अमेरिका के बाज़ार का रहा। कंपनी का अमेरिकी बिज़नेस सालाना आधार पर 40% बढ़कर 1.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया। Tolvaptan, Mirabegron और Risperdal Consta जैसे प्रमुख प्रोडक्ट्स ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई।
भारत में भी दमदार पकड़
घरेलू बाज़ार की बात करें तो, Lupin के मुख्य प्रिस्क्रिप्शन बिज़नेस में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 14.5% की बढ़ोतरी देखी गई, जो कि इसी अवधि के लिए भारतीय फार्मास्युटिकल मार्केट (IPM) की 11.6% की ग्रोथ से कहीं ज़्यादा है।
ऑपरेशनल मोर्चे पर सफलता
ऑपरेशनल स्तर पर, कंपनी ने चौथी तिमाही में 75% का मजबूत ग्रॉस मार्जिन दर्ज किया। वहीं, वर्किंग कैपिटल साइकिल सुधरकर 87 दिन हो गया, जो पिछले साल 110 दिन था। इसके अलावा, Lupin की गोवा स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को अमेरिकी FDA (USFDA) से Voluntary Action Indicated (VAI) स्टेटस के साथ Establishment Inspection Report (EIR) मिली है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
VISUfarma अधिग्रहण और भविष्य की रणनीति
कंपनी ने जुलाई 2023 में इटली स्थित VISUfarma का अधिग्रहण किया था, जिसने यूरोप खासकर इटली और स्पेन में Lupin की उपस्थिति को मजबूत किया है और ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र विज्ञान) पोर्टफोलियो को बेहतर बनाया है। यह अधिग्रहण भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
मार्जिन में गिरावट का अनुमान और वजहें
FY2027 के लिए 25% के EBITDA मार्जिन का अनुमान, वर्तमान 29.7% से कम है। मैनेजमेंट का मानना है कि बढ़ता कॉम्पिटिशन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागतों में बढ़ोतरी (जैसे समुद्र से माल ढुलाई 15% और हवाई मार्ग से 60% बढ़ी है) के कारण मार्जिन पर दबाव रहेगा। इसके अलावा, Tolvaptan जैसे महत्वपूर्ण प्रोडक्ट्स के पेटेंट एक्सपायरी के बाद जेनेरिक कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ेगा, जो लगभग सितंबर तक होने की उम्मीद है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
फार्मा जगत में Lupin का मुकाबला Sun Pharma, Dr. Reddy's Laboratories और Cipla जैसी बड़ी कंपनियों से है, जिनके पास स्पेशियलिटी ड्रग्स और R&D में मजबूत पकड़ है। Lupin को भी अपनी ग्लोबल पोजीशन बनाए रखने के लिए लगातार इनोवेशन और लागत प्रबंधन पर ध्यान देना होगा।
