Lupin FY26 की कमाई: कंसोलिडेटेड मुनाफा 17% गिरा, पर भारतीय बिज़नेस में 84% की रॉकेट तेज़ी!
Lupin Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, और ये नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू तो 23% से ज़्यादा बढ़कर ₹279,580.3 मिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹227,079.0 मिलियन था। लेकिन, दूसरी तरफ, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 17% की गिरावट आई है, जो ₹39,729.6 मिलियन से घटकर ₹33,062.6 मिलियन रह गया। कंपनी का कहना है कि यह गिरावट कुछ खास बिजनेस सेगमेंट्स में आई दिक्कतों की वजह से हुई है।
भारतीय बाज़ार में चमक
वहीं, कंपनी के स्टैंडअलोन ऑपरेशंस, जिनमें मुख्य रूप से भारतीय बिज़नेस शामिल है, ने कमाल कर दिया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 15% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹195,126.6 मिलियन पर पहुंचा। लेकिन सबसे बड़ी और अच्छी खबर यह है कि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में 84% का ज़बरदस्त उछाल आया, जो ₹21,636.9 मिलियन से बढ़कर ₹39,729.6 मिलियन हो गया।
₹18 का डिविडेंड देने का प्रस्ताव
इन नतीजों के बीच, Lupin के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरहोल्डर्स को खुश करने के लिए ₹18 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू होगा, जो एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में तय किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और घरेलू ग्रोथ
कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन नतीजों के बीच यह बड़ा अंतर Lupin की विभिन्न बाजारों में अलग-अलग परफॉर्मेंस को दिखाता है। जहां भारतीय बाज़ार में कंपनी की पकड़ मज़बूत हो रही है, वहीं कुछ अंतरराष्ट्रीय सेगमेंट्स में लागत दबाव और दूसरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
आगे की राह और जोखिम
कंपनी के लिए अमेरिका में चल रहे एंटी-ट्रस्ट केस भी एक बड़ा जोखिम बने हुए हैं, जिन पर पैनी नज़र रखनी होगी। निवेशकों को अब मैनेजमेंट की तरफ से कंसोलिडेटेड प्रॉफिट पर दबाव के कारणों और उन पर काबू पाने की योजनाओं के बारे में विस्तार से सुनने का इंतज़ार रहेगा।
मुख्य आंकड़े:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹279,580.3 मिलियन (FY26) vs ₹227,079.0 मिलियन (FY25) - 23.1% की बढ़त
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹33,062.6 मिलियन (FY26) vs ₹39,729.6 मिलियन (FY25) - 16.8% की गिरावट
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट: ₹39,729.6 मिलियन (FY26) vs ₹21,636.9 मिलियन (FY25) - 83.6% की बढ़त
