Laurus Labs के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने हाल ही में एक अहम बैठक में कई रणनीतिक फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर कंपनी के भविष्य पर पड़ेगा।
बोर्ड में हुई नई नियुक्तियां:
कंपनी ने डॉ. शेखर चिन्तामणि मंदे और सुश्री सुतपा बनर्जी को दो साल के कार्यकाल के लिए स्वतंत्र निदेशक (Independent Directors) के तौर पर नियुक्त किया है। ये नियुक्तियां 2 जुलाई, 2026 से प्रभावी होंगी, जो 6 जुलाई, 2026 को स्वतंत्र निदेशक श्रीमती अरुणा बिंज की सेवानिवृत्ति के बाद खाली हुई जगह को भरेंगी। इन नियुक्तियों से कंपनी के विज्ञान, अनुसंधान और वित्त के क्षेत्र में बोर्ड की विशेषज्ञता और बढ़ेगी।
JV में बड़ा निवेश:
बोर्ड ने स्लोवेनिया स्थित KRKA d.d. के साथ हुए संयुक्त उद्यम (Joint Venture) KRKA Pharma Private Limited में EUR 9.8 मिलियन (लगभग ₹90 करोड़) तक के निवेश को हरी झंडी दे दी है। यह पैसा JV की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) यानी पूंजीगत व्यय के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस निवेश से कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
जर्मन सब्सिडियरी बंद:
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी जर्मन स्टेप-डाउन सब्सिडियरी, Laurus Generics GmbH, को स्वेच्छा से बंद करने की मंजूरी भी दे दी है। वित्तीय वर्ष FY26 में इस यूनिट का टर्नओवर शून्य था और नेट वर्थ नकारात्मक था। कंपनी का मानना है कि इस यूनिट को बंद करने से कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, बल्कि परिचालन (operations) सुव्यवस्थित होंगे।
JV का बैकग्राउंड:
यह JV जनवरी 2024 में स्लोवेनिया की KRKA d.d. के साथ मिलकर बनाई गई थी, जिसकी शुरुआती रजिस्टर्ड कैपिटल EUR 50 मिलियन थी। कंपनी पहले भी मार्च 2025 में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए इस JV में निवेश कर चुकी है।
आगे क्या देखना होगा:
निवेशकों की नजरें अब नए निदेशकों की नियुक्तियों के लिए नियामक और शेयरधारक अनुमोदन पर होंगी। साथ ही, KRKA Pharma Private Limited में निवेश के अंतिम रूप और जर्मनी की सब्सिडियरी को बंद करने की प्रक्रिया पर भी नजरें रहेंगी।
