रणनीतिक कदम: कोर हेल्थकेयर पर बढ़ेगा KMCH का फोकस
कोवई मेडिकल सेंटर एंड हॉस्पिटल लिमिटेड (KMCH) ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए अपने एलाइड हेल्थ साइंसेज (AHS) कोर्स डिवीज़न को बेचने का फैसला किया है। कंपनी इस डिवीज़न को डॉ. एन.जी.पी. रिसर्च एंड एजुकेशनल ट्रस्ट को ₹84.54 लाख में बेच रही है। यह ट्रांज़ैक्शन एक स्लम्प सेल (Slump Sale) के ज़रिए होगा और इसके 30 नवंबर, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस डिवेस्टमेंट (Divestment) का मुख्य कारण कंपनी की अपनी कोर हेल्थकेयर सर्विसेज और मेडिकल एजुकेशन प्रोग्राम्स पर ज़्यादा रिसोर्स और एफर्ट्स को कंसंट्रेट करना है। साथ ही, नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस एक्ट, 2021 के तहत एलाइड हेल्थ साइंसेज प्रोग्राम्स के लिए लागू हुए नए रेगुलेटरी नियमों का पालन करना भी एक अहम वजह है। यह नया कानून ज़्यादा कंप्लायंस (Compliance) और एक स्पेशलाइज़्ड अप्रोच की मांग करता है, जिसने कंपनी को अपनी डिवीज़नल स्ट्रेटेजी को री-असेस करने पर मजबूर किया है।
फाइनेंशियल डीटेल्स
फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) के लिए, AHS डिवीज़न का टर्नओवर ₹3.96 करोड़ और नेट वर्थ ₹-3.39 करोड़ था। वहीं, KMCH का कंसोलिडेटेड टोटल टर्नओवर FY25 में ₹1,371.11 करोड़ रहा, जिसकी नेट वर्थ ₹1,085.32 करोड़ थी। इस स्लम्प सेल में संबंधित एसेट्स, लायबिलिटीज़, स्टूडेंट्स और एम्प्लॉइज़ का ट्रांसफर भी शामिल है।
संबंधित पक्ष का कंसर्न
यह भी ध्यान देने योग्य है कि खरीदार, डॉ. एन.जी.पी. रिसर्च एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, के प्रमोटर ग्रुप डायरेक्टर्स ट्रस्टीज़ के तौर पर भी शामिल हैं। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यह ट्रांज़ैक्शन आर्म्स लेंथ बेसिस (Arm's Length Basis) पर हुआ है और इसे इंडिपेंडेंट वैल्यूएशन (Independent Valuation) का सपोर्ट मिला है।
इंडस्ट्री में क्या है ट्रेंड?
हेल्थकेयर सेक्टर में यह ट्रेंड देखा जा रहा है, जहां अपोलो हॉस्पिटल्स (Apollo Hospitals) और फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) जैसी बड़ी हॉस्पिटल चेन्स भी अपने कोर क्लिनिकल सर्विसेज और हाई-वैल्यू मेडिकल ऑफर्स पर ज़्यादा ज़ोर दे रही हैं।
आगे की राह
अब निवेशकों और एक्सपर्ट्स की नज़रें बिज़नेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) के एग्जीक्यूशन पर होंगी, जिसकी डेडलाइन 31 मई, 2026 तय की गई है। डील के 30 नवंबर, 2026 तक फाइनल होने की उम्मीद है, और यह देखना बाकी है कि KMCH इस डिवेस्टमेंट के बाद रिसोर्स एफिशिएंसी कैसे बढ़ाता है।
