SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' नियम क्या हैं?
SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) का 'लार्ज कॉर्पोरेट' (LC) फ्रेमवर्क भारतीय कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट (corporate bond market) को मज़बूत करने के लिए लाया गया है। इसका मकसद बड़ी कंपनियों को ज़्यादातर फंड डेब्ट सिक्योरिटीज़ (debt securities) के ज़रिए जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
नए नियमों के अनुसार, जिन कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग (credit rating) 'AA' या उससे ऊपर होती है और उनका लॉन्ग-टर्म बरोइंग (long-term borrowing) ₹1,000 करोड़ से अधिक होता है, उन्हें 'लार्ज कॉर्पोरेट' माना जाता है। यह फ्रेमवर्क 1 अप्रैल 2024 से लागू है।
Kerala Ayurveda का स्टेटस क्या है?
Kerala Ayurveda Limited ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) को सूचित कर दिया है कि वह इस 'लार्ज कॉर्पोरेट' श्रेणी में फिट नहीं बैठती है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 तक उसका कुल आउटस्टैंडिंग बरोइंग (outstanding borrowing) महज़ ₹70.47 करोड़ था। यह राशि SEBI द्वारा तय की गई ₹1,000 करोड़ की सीमा से काफी कम है।
इसका मतलब क्या है?
इस स्पष्टीकरण का मतलब है कि Kerala Ayurveda 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए ज़रूरी कंप्लायंस ऑब्लिगेशन्स (compliance obligations) और डिस्क्लोजर (disclosure) की ज़रूरतों से मुक्त है। यह कदम कंपनी को फंड जुटाने (fundraising) की अपनी रणनीति में अधिक लचीलापन देता है और निवेशकों को कंपनी की रेगुलेटरी स्थिति (regulatory status) के बारे में स्पष्टता प्रदान करता है।
